अनुसंधान केंद्र प्लांडु में कटहल की तुड़ाई पूर्व और तुड़ाई उपरांत प्रबंधन एवं प्रसंस्करण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न गांवों के 40 किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के कार्यवाहक प्रधान डॉ. आरएस पान ने केंद्र की गतिविधियों व उपलब्धियों जानकारी दी। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव द्वारा किसानों को कटहल एवं इससे बने अन्य उत्पादों के विपणन पर जानकारी दी गई। परियोजना की प्रधान अन्वेषक वरीय वैज्ञानिक डॉ. प्रेरणा नाथ द्वारा कृषकों को सामान्य तापमान पर ही परंपरागत और उन्नत तकनीकों द्वारा कटहल के टुकड़ों को घरेलू चीजों से बने घोल में डुबाकर 6 माह से साल भर की अवधि तक उपयोग के लिए ताजा रखने का व्यवहारिक प्रशिक्षण और जानकारी प्रदान की। राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. जे. काले द्वारा किसानों को कटहल की तुड़ाई के उपरांत प्रबंधन के तरीके बताए गए। तकनीकी अधिकारी कृष्ण बारा द्वारा किसानों को कटहल की नर्सरी के प्रबंधन के तरीके बताए गए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अजित कुमार झा, रोहित कुमार एवं निलेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।


