कोरबा | गौरव भारत सांस्कृतिक परिषद ने भारत संस्कृति उत्सव के तहत ग्लोबल प्रतियोगिता और फेस्टिवल ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर का आयोजन किया गया। कथक (बालकृष्णा सोलो) में शान्वी चतुर्वेदी दूसरे स्थान पर रही। आयोजन 26 से 31 दिसंबर तक पश्चिम बंगाल के सारत सदन, बेहाला कोलकाता में आयोजित हुआ। इसमें देश-विदेश से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शान्वी ने कथक नृत्य प्रशिक्षक तबला वादक व कथक आचार्य पं. मोरध्वज वैष्णव ने शिक्षा ली है। शान्वी के पिता अनूप चतुर्वेदी एसबीआई लाइफ कुसमुंडा में पदस्थ हैं। शान्वी की माता संध्या चतुर्वेदी निरंतर अभ्यास, अनुशासन व प्रोत्साहन देकर उनकी कला-साधना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


