गौ-संरक्षण और संवर्द्धन का संदेश देने वाले कथावाचक अनिकेत कृष्ण शास्त्री रविवार (5 जनवरी) को बालाघाट पहुंचे। इस दौरान उनका यहां पर भक्तों ने भव्य स्वागत किया। कथावाचक शास्त्री ने एक निजी धर्मशाला में प्रबुद्ध लोगों से चर्चा की और गौ माता की रक्षा का संकल्प दिलाया। मीडिया से बातचीत में अनिकेत कृष्ण शास्त्री ने कहा- देश में संविधान की हत्या हो रही है और लोग संविधान की बात करते है, यह बात उन्होंने राष्ट्रीय चिन्ह को लेकर कही। जिसमें दर्शाए गए शेर और घोड़े को मारने पर कानून है, लेकिन बैल को मारने के लिए कोई कानून नहीं है, जिस पर देश बोलने तैयार नहीं है। आगे उन्होंने कहा- अगर गाय सुरक्षित नहीं है तो सनातन धर्म का उत्थान नहीं हो सकता। आज गाय के रक्त से धरातल सींचा जा रहा है, जो धर्म को विनाश की ओर ले जा रहा है। वृंदावन में जब 150 गाए कांटी गई और गौ-भक्तों ने उसका विरोध किया, तो योगी सरकार ने उन पर लाठी चलाई। जब देश आजाद हुआ था, उस समय देश की आबादी 30 करोड़ और 78 करोड़ गोवंश था, लेकिन रोज डेढ़ लाख गायों के कटने से अब देश में महज 17 करोड़ गोवंश ही बचा। जिसमें भी 40 प्रतिशत गाय और विदेशी हैं। हालांकि, इस दौरान उनके आंकड़ों को सरकार के आंकड़े से मेल नहीं खाने की बात कही, तो अनिकेत कृष्ण शास्त्री नाराज हो उठे और मीडिया पर ही आरोप लगाया कि वह हमें झूठा बता रहे हैं। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने पीएम को लिखा पत्र उन्होंने बताया कि वह जब उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले घोषणा की थी, कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। भाजपा में यदुवंशी मुख्यमंत्री बनेगा, तो हमें त्रिकालदर्शी मानते हुए बुलाया गया था। जिसमें हमने पीएम मोदी को गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने पत्र लिखा, तो उसके बाद फिर हमें नहीं बुलाया गया। दिव्य दरबार को लेकर उन्होंने कहा- महज 11 लौंग लेकर कोई हमारे पास आए, तो हम उसका पर्चा निकालकर उसकी पीढ़ियों की जानकारी उसे बता सकते है। इस पर एक सवाल के जवाब में कहा- हमारे पास कई विधायक और मंत्री आते हैं, लेकिन वह अपने स्वार्थ के अलावा, देशहित में कुछ नहीं पूछते, अगर वह हमसे पूछे, तो हम देशहित में बताने को तैयार हैं। दरअसल, आगामी फरवरी में कथावाचक अनिकेत कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन जिले के लामता में होना है। जिसकी तैयारियों को देखने, वे यहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रबुद्ध सम्मेलन में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के अभियान से जुड़ने की बात कही।


