भास्कर न्यूज़ | लुधियाना कनाडा में सेटल कराने का सपना दिखाकर जालंधर के एक ट्रैवल एजेंट ने लुधियाना के कारोबारी से न सिर्फ 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की, बल्कि एजेंट के झांसे में आकर कारोबारी की चलती फैक्ट्री तक बिक गई। 7 माह की जांच के बाद थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस ने जालंधर निवासी ट्रैवल एजेंट संजीव खोसला के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और दस्तावेजों से छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हैबोवाल निवासी शिकायतकर्ता विनीत धवन ने बताया कि 2021 में उन्होंने सोशल मीडिया पर संजीव खोसला का विज्ञापन देखा, जिसमें उसने दावा किया कि वह पूरे परिवार को आसानी से दो साल के वर्क परमिट पर कनाडा भेज देगा। दो साल में वे अच्छी कमाई कर लेंगे और अगर मन न लगे तो भारत वापस लौट सकते हैं। कुछ दिन बाद संजीव मल्हार रोड पर उनसे मिलने आया और करीब 50 हजार कनाडाई डॉलर खर्च होने की बात कही। एजेंट के झांसे में आकर विनीत ने अपनी फैक्ट्री की मशीनरी सस्ते में बेचकर पैसों का इंतजाम किया। इसके अलावा 2021 से 2022 के बीच 14.50 लाख रुपए दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। जब उसने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो वह बदसलूकी पर उतर आया। 2022 के अंत में संपर्क खत्म कर दिया। फैक्ट्री बिकने से विनीत की आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई। परेशान विनीत ने 3 जून 2025 को पुलिस में लिखित शिकायत दी। 7 माह चली जांच के बाद अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उधर, थाना मोती नगर पुलिस ने भी ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर 3.5 लाख रुपये ठगने के मामले में पांच ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता रविंदर सिंह निवासी पंजाब एन्क्लेव, गांव बांगला, पटियाला ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। टइसी दौरान उसकी मुलाकात इंडस्ट्रियल एरिया ए, आरके रोड, चीमा चौक के पास इमीग्रेशन कार्यालय चला रहे माही शर्मा, हरजिंदर सिंह, जगदीप सिंह, विक्की और दविंदर सिंह से हुई। आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर उसे आसानी से वर्क परमिट पर ऑस्ट्रेलिया भेजने का भरोसा दिलाया और 3.5 लाख रुपए ले लिए। लेकिन न तो उसे विदेश भेजा और न ही पैसे लौटाए। थाना मोती नगर के एएसआई सुखजिंदर सिंह ने बताया, शिकायतकर्ता रविंदर सिंह के बयान पर इमीग्रेशन एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।


