कभी इन पेड़ों की छांव के नीचे आराम लेते थे, लेकिन आज यह पेड़ अंतिम सांसें गिन रहे

अमृतसर | गर्मी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वीरवार को जिले में अधिकतम तापमान 38 डिग्री रहा। वहीं, लोग कड़कती धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव में आराम ढूंढते दिखे। वहीं, शहर में कुछ पेड़ ऐसे थे जो किसी समय लोगों को छांव देते थे। दैनिक भास्कर ने वीरवार को शहर में लगे पुराने पेड़ जिनका अस्तित्व आज भी बना हुआ है मौका-ए-मुआयना किया। जिसमें कस्टम चौक से रतन सिंह चौक को जाते रास्ते में लगा विशाल पेड़ आज अंतिम सांसें गिन रहा है। स्थानीय निवासी 70 वर्षीय सतबीर सिंह बताते है कि जब वह इस जगह पर रहने आए थे तो इस पेड़ पर लाल रंग के छोटे-छोटे फूल लगा करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह पेड़ सूखना शुरू हो गया। पहले जब भी कोई यात्री या राहगीर इस रास्ते से गुजरता था तो इस पेड़ की छांव में बैठकर जाता था। क्योंकि यह पेड़ इतना विशाल था कि सड़क की दोनों साइड में छांव देता था। दूसरी तरफ बटाला रोड पीडब्ल्यूडी दफ्तर के पास विकास ने नाम पर 2 पेड़ों को काटा गया। 66 साल के राजिंदर कुमार ने बताया कि कई साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग में लगे पीपल के पेड़ को काटा गया था, जिसका अस्तित्व आज भी बना हुआ है, जब लोग बटाला रोड पर गगन टॉकी में फिल्म देखने आते थे तो इसी पेड़ की छांव में बैठते थे। दूसरा पेड़ बटाला रोड को बनाने के वक्त काट दिया गया जो आज भी सेलिब्रेशन मॉल साइड बना हुआ है। एक बरगद का पेड़ सुल्तानविंड नहर के पास लगा है, जिस पर पिछले 3-4 साल से कोई पत्ता नहीं निकला। 72 साल के प्रीतम सिंह ने बताया कि पेड़ तकरीबन 80 साल से भी पुराना है। वहीं, दूसरी तरफ जीटी रोड स्थित सदर चौक में लगे टाहली के पेड़ के नीचे लोग छांव में खड़े थे। यहां लोग कड़कती धूप से बचने के लिए पेड़ की छांव का सहारा ले रहे थे।

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