कम उम्र में माता-पिता बनना नुकसानदेह, अब काउंसलिंग के जरिए स्कूल के किशोर और किशोरियों को आरोग्य दूत करेंगे जागरूक

खूंटी जिले में कम उम्र में मातृत्व या पितृत्व का दायित्व की कई घटनाएं सामने आई है। इसके बाद झारखंड शिक्षा परियोजना खूंटी, एक नई पहल शुरू करने जा रहा है। जिले के सभी कोटि के स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 12 के स्टूडेंट्स को इस संबंध में जागरूक किया जाएगा। इसके लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना खूंटी की ओर से इसे लेकर सभी स्कूल के प्रिंसिपल को निर्देश जारी किया गया है कि वे इस संबंध में अपने स्कूल के स्टूडेंट्स को जागरूक करें। इस शिविर की खास बात यह होगी कि इसमें स्टूडेंट्स के अलावा उनके माता पिता, क्षेत्र के जन प्रतिनिधि, गणमान्य बुजुर्ग और सक्रिय ग्रामीण भी शामिल रहेंगे। डीईओ खूंटी ने इसे सभी स्कूलों में 5 जून से कठोरता से अनुपालन करने का निर्देश दिया है। अभिभावक-शिक्षक बैठक हर माह की 25 तारीख को सभी स्कूलों में इस संबंध में अभिभावकों व शिक्षकों की बैठक भी होगी। इसके लिए भी तिथि तय की गई है। 25 जून, 25 जुलाई और 25 अगस्त को विद्यालय के पोषक क्षेत्र के सभी जन प्रतिनिधि, गणमान्य बुजुर्ग एवं सक्रिय ग्रामीण इसमें शामिल होंगे। इसके लिए उक्त विषय पर सभी अभिभावकों को स्कूल की ओर से सूचना भी दी जाएगी कि वे इसमें शामिल हों। 5 जून से माह के पहले व तीसरे मंगलवार को चलेगा कार्यक्रम विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के तहत 5 जून से प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार की घंटी स्टूडेंट्स की शिक्षा, सुरक्षा, पास पड़ोस के लोगो का व्यवहार, उनके नजरिए की पहचान, सही गलत की पहचान, बालक- बालिकाओं के जीवन की सुरक्षा, उनके हित-अहित की पहचान से संबंधित होगी। जिसमें हरेक टॉपिक पर विचार-विमर्श कर उन्हें जागरूक किया जाएगा। सभी स्कूल के आरोग्य दूत के रूप में नामित शिक्षक उक्त विषय पर समुचित अध्ययन कर स्टूडेंट्स को जागरूक करेंगे। स्टूडेंट्स के साथ करियर काउंसलिंग करने का भी निर्देश सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि स्टूडेंट्स को इस संदर्भ में जागरूक करने के लिए कक्षा 6 से 12 के छात्र-छात्राओं के लिए करियर काउंसलिंग का भी आयोजन किया जाए। इसमें बच्चों के साथ उनके विचारों का आदान-प्रदान किया जाए। कम उम्र में बच्चे अगर मातृत्व या पितृत्व जैसी समस्या से ग्रसित हो जाते हैं तो उसका उनके जीवन पर क्या असर पड़ेगा, इस संबंध में भी उन्हें अवगत कराया जाएगा। इससे संबंधित वीडियो, शॉर्ट फिल्म, फोटो आदि की मदद से उन्हें जागरूक किया जाएगा, ताकि वे इस समस्या से ग्रसित न हों।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *