करीबी रिश्तेदार ही निकला हत्यारा, कुल्हाड़ी से कई वार:अवैध संबंधों में बन रहा था रोड़ा, पत्नी ने रची मर्डर की साजिश, पार्ट-2

राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 5 जनवरी 2021 को नागौर जिले के मुंडवा कस्बे के सरोवर के पास मंदिर से सटे घर में चारपाई पर पुजारी के रिश्तेदार सुरेश वैष्णव का लहूलुहान शव पड़ा मिला। पास के कमरे में ही सो रही उसकी पत्नी किरण सुबह जागने के बाद बाहर आई तो वो ये मंजर देखकर चिल्लाई। इसके बाद दूसरे परिजन बाहर आए और पुलिस को सूचना दी। खून के छींटे फर्श और दीवारों पर भी लगे थे। ये साफ-साफ मर्डर का मामला था। पुलिस पड़ताल में सामने आया था कि घर की दीवारें काफी ऊंची थीं। इस कारण प्राइमरी लेवल पर ऐसा लग रहा था कि जिसने भी ये मर्डर किया था, वह दीवार फांदकर तो घर में नहीं आया था। तो क्या इस मर्डर में घर के किसी सदस्य का हाथ है ? अगर हाथ है तो वह कौन है और उसने हत्या क्यों की ? ये तमाम सवाल वो थे, जिनके जवाब पुलिस को ढूंढने बाकी थे। अब पढ़िए आगे की कहानी… पुलिस एक-एक कर सुरेश की पत्नी किरण सहित सभी परिजनों की कुंडली खंगालने में लग गई। सभी के कॉल डिटेल्स निकाले गए और इनका डीप एनालिसिस स्टार्ट कर दिया गया। साथ ही पुलिस ने अपने मुखबिरों को भी एक्टिव कर दिया। सुरेश का शव पोस्टमॉर्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक की पत्नी किरण साद के मोबाइल की काॅल डिटेल्स से पता चला कि जोधपुर जिले के बनाड़ थाने के गांव दईकड़ा निवासी शंभूदास वैष्णव से किरण की दिन में कई-कई बार घंटों-घंटों तक बातें होती थीं। पड़ताल में सामने आया कि शंभूदास सुरेश वैष्णव (मृतक) का भांजा था। अब तक पुलिस अधिकारियों को मुखबिर से भी सूचना मिल चुकी थी कि शंभूदास और किरण के अवैध संबंध हैं। पुलिस ने तत्काल सुरेश के 21 साल के भांजे शंभूदास को पूछताछ के लिए दबोच लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पहले तो वह टालमटोल करता रहा। इसके बाद सख्ती की तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया कि मामी किरण से उसके अवैध संबंध हैं। मामा सुरेश को उनके संबंधों पर शक हो गया था। इस कारण वह मामी-भांजे के संबंधों के बीच रोड़ा बनने लगा था। इस कारण उन दोनों ने योजनानुसार उसकी हत्या कर दी। जुर्म कबूल करते ही पुलिस ने किरण को भी हिरासत में ले लिया और पूछताछ की। किरण पहले तो मना करती रही, मगर जब उसे बताया गया कि शंभूदास ने सब कुछ बता दिया है तो वह टूट गई और उसने भी अपना जुर्म कबूल लिया कि भांजे के साथ उसके अवैध संबंध थे। पुलिस ने सुरेश साद (मृतक) के भाई की रिपोर्ट पर सुरेश की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया और हत्या के आरोपी शंभूदास और किरण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने शंभूदास और किरण को 8 जनवरी, 2020 को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया और कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में ये कहानी सामने आई…
सुरेश वैष्णव की शादी करीब 12 साल पहले किरण से हुई थी। सुरेश मंदिर में पुजारी का काम करने के अलावा पशुधन भी रखता था। पशुधन के अलावा वह गांव में यजमानों के घर से अनाज व आटा भी लाता था। इससे उसके परिवार की गुजर-बसर आराम से होती थी। सुरेश सीधा-सादा व सरल स्वभाव का व्यक्ति था। वह अपनी पूजा-पाठ व गृहस्थी में मस्त था। समय के साथ सुरेश की पत्नी किरण 4 बच्चों की मां बन गई थी। करीब ढाई-तीन साल पहले जब शंभूदास अपनी ननिहाल मूंडवा आया। धीरे-धीरे शंभूदास और किरण एक-दूसरे के करीब आ गए। दोनों में संबंध बन गए। सुरेश का घर शंभूदास का ननिहाल था, मगर जब वह महीने में 3-4 बार आने लगा तो सुरेश को दोनों के संबंधों पर शक होने लगा। एक दिन उसने कहा, ‘शंभू, कुछ कामधंधा करो। बहन और बहनोई सा को कुछ कमा कर दो। वे कितने दिन तक तुम सब का पेट भरेंगे। मामा सुरेश की ये बात शंभू को कांटे की तरह चुभ गई। मगर वह कुछ बोला नहीं। इसके बाद शंभूदास महीने में एक बार आने लगा। एक दिन सुरेश ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। उसने पत्नी को फटकार लगाई। किरण ने पति से अपने किए की माफी मांगी और कहा कि वह अब शंभू से कभी नहीं मिलेगी। उसका यहां आना बंद करा देगी। भोलाभाला सुरेश समझा कि वह सुधर जाएगी। उसने बीवी को माफ कर दिया। मगर यह सुरेश की गलतफहमी थी। शंभू और किरण ने सुरेश को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। तय किया कि शंभूदास छिप कर कुल्हाड़ी लेकर किरण के घर आकर नीचे वाले कमरे में छिप जाएगा। रात में सुरेश बरामदे में ही सोता था। सुरेश को नींद आने पर किरण खाली गिलास जमीन पर गिराएगी। यह इशारा मिलते ही शंभूदास सो रहे मामा सुरेश साद को कुल्हाड़ी से मार देगा और रात के अंधेरे में वापस चला जाएगा। मामा के रास्ते से हटने के बाद उन दोनों का मिलन रोकने वाला कोई नहीं होगा। साजिश के तहत शंभूदास 4 जनवरी, 2021 को शाम होते ही कुल्हाड़ी लेकर किरण के घर पहुंच गया। किरण ने उसे सारी योजना समझा कर नीचे कमरे में छिपा दिया। उस समय सुरेश पशुओं को चारा डालने गया हुआ था। चारा डाल कर सुरेश घर लौटा और फिर खाना खाकर फिर से पशु देखने गया। उसके बाद आकर बरामदे में सो गया। रात के 12 बजे किरण ने खाली गिलास नीचे पटका। शंभूदास के लिए यह एक इशारा था। इशारा मिलते ही सधे कदमों से शंभू कमरे से निकला और बरामदे में आ गया। उस समय सुरेश गहरी नींद में था। पलक झपकने की देर में शंभूदास ने कुल्हाड़ी का वार सो रहे मामा सुरेश पर किया। उसने एक के बाद एक 4 वार सुरेश पर किए। खून का फव्वारा फूट पड़ा। वह मौत की नींद सो गया। शंभूदास अपना काम करके चला गया। सुबह होने पर किरण ने योजना के अनुसार उठकर बरामदे में जाकर रोना शुरू किया। तब घर के अन्य लोग वहां आए। फिर मूंडवा थाने में सूचना दी गई। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची व मौका मुआयना किया। इधर रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने आरोपी शंभूदास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, खून सने कपड़े और मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने पर शंभूदास व किरण को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पति की लाश देखकर पत्नी की चीख निकली:पास के कमरे में सो रही थी महिला, फर्श और दीवारों पर खून के छींटे, पार्ट-1

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