राजस्थान में लीक पेपर से थानेदार-पटवारी-जेईएन भर्ती हुए माफियाओं के रिश्तेदारों पर SOG ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पोरव कालेर, हर्षवर्धन मीणा, रोशन लाल मीणा जैसे 8 बड़े नाम हैं, जिन्होंने पेपर लीक करवाए। करोड़ों में सौदा किया। साथ ही अपने परिवार-रिश्तेदारों को उसी पेपर से नौकरी लगवाया। कई माफिया तो ऐसे हैं, जिनके परिवार के 5-5 मेंबर बड़े पदों पर सिलेक्ट हो गए थे। एसओजी ने 250 से ज्यादा ऐसे कर्मचारी-अफसरों की लिस्ट तैयार की है, जो माफियाओं के रिश्तेदार हैं और उनका सिलेक्शन संदिग्ध है। एसओजी की SIT जांच के बाद ऐसे 86 कर्मचारी सस्पेंड या टर्मिनेट भी हो चुके हैं। वहीं 174 कर्मचारी ऐसे हैं जिनके खिलाफ जांच जारी है। इनमें 15 की जांच विभाग में पेंडिंग है। संडे बिग स्टोरी में ऐसे ही मास्टरमाइंड के बारे में पढ़िए जो अपनी पत्नी, बेटे, भाई ही नहीं ससुराल पक्ष के लोगों को नौकरी दिलाने में कामयाब हुए। कैसे ये पकड़े गए? 1. जेल में मास्टरमाइंड, पत्नी पर फैसला बाकी, साली फरार चूरू के रामपुर का रहने वाला पौरव कालेर कुख्यात पेपर लीक माफिया है। पौरव कालेर पर कोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा, एसआई भर्ती परीक्षा–2021, पटवारी भर्ती परीक्षा, ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं में नकल व पेपर लीक करने के केस दर्ज हैं। करोड़ों में पेपर बेचने वाले पौरव के कई रिश्तेदार भी सरकारी नौकरियों पर लगे हुए थे। पौरव की पत्नी भावना गोस्वामी ईओ-आरओ एग्जाम में लीक पेपर से सिलेक्ट हुई थी। एसओजी ने उसे गिरफ्तार किया। 3 साल पहले भी भावना पटवारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है। तब वह बीकानेर में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत थी। तब से निलंबित चल रही है। पौरव कालेर की साली प्रियंका गोस्वामी जैसलमेर पुलिस लाइन में एसआई की ड्यूटी दे रही थी। उसने SI भर्ती परीक्षा में 102 वीं रैंक हासिल की। शक होने पर एसओजी ने 18 मार्च को उसे पूछताछ के लिए बुलाया। तब से वह फरार है। एसओजी को शक है कि प्रियंका ने एसआई भर्ती में लीक पेपर से ही सिलेक्शन पाया था। 2. पेपर लीक से करोड़पति बने पटवारी दंपत्ति बर्खास्त जेईएन भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सरगना हर्षवर्धन मीणा महवा (दौसा) में पटवारी था। उसने कई भर्तियों के पेपर लीक कर बेचे। पिछले 15 साल में ही करीब 20 करोड़ की संपत्ति बना ली। दौसा कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने 22 मार्च 2025 को हर्षवर्धन को पटवारी पद से बर्खास्त कर दिया। वह एसओजी में दर्ज 3 केस की जांच में दोषी पाया गया है। हर्षवर्धन की पत्नी सरिता मीणा भीलवाड़ा में पटवारी थी। उसने डमी कैंडिडेट की मदद से एसआई भर्ती परीक्षा 2021 पास की थी। एसओजी की जांच में वह भी दोषी पाई गई। इस केस में वह फरार चल रही है। तत्कालीन भीलवाड़ा कलेक्टर नमित मेहता ने 24 दिसंबर 2024 को बर्खास्त किया। भाई-भाभी और दो साले भी सरकारी नौकरी में एसओजी का आरोप है कि हर्षवर्धन ने साले मनोज मीणा को एलडीसी व पंकज को लीक पेपर से लाइब्रेरियन बनाया। वहीं भाई पुष्पेंद्र को फायरमैन व उसकी पत्नी को सुपरवाइजर के पद पर लगवाया। डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में हर्षवर्धन का छोटा भाई गिरफ्तार हो चुका है। SOG के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि इनके परिजन सरकारी नौकरी में कैसे लगे? इसकी जांच के लिए रिश्तेदार और परिजनों की सूची तैयार कर जांच की जा रही है। 3. बेटे-बेटी को थानेदार बनवाया, अब दोनों बर्खास्त आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामूराम राइका ने लीक पेपर से अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को थानेदार (सब इंस्पेक्टर) बनवाया। पढ़ाई में औसत से भी कमजोर शोभा राइका एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पांचवी रैंक आई। वहीं देवेश राइका की 40 वीं रैंक थी। आरपीए में ट्रेनिंग के दौरान भी दोनों की परफॉर्मेंस संदेह के घेरे में थी। एसओजी ने एक सितंबर 2024 को रामूराम राईका, बेटी शोभा व बेटे देवेश को गिरफ्तार किया। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने 28 फरवरी को दोनों को बर्खास्त कर दिया। अभी पिता और दोनों बच्चे जेल में हैं। रामूराम राईका जुलाई 2018 से 2022 तक आरपीएससी का सदस्य रहा। एसआई भर्ती 2021 की लिखित परीक्षा के समय वह सदस्य था। लेकिन इंटरव्यू पूरा होने से पहले कार्यकाल पूरा हो गया। बाबूलाल कटारा ने राईका से संबंध निभाने के चलते उसके बच्चों को पेपर उपलब्ध कराया था। 3. ग्रेड थर्ड टीचर बर्खास्त, बहू-बेटे पर जांच की तलवार जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 में मिलीभगत सामने आने के बाद से निलंबित चल रहे ग्रेड थर्ड टीचर राजेंद्र कुमार यादव को शिक्षा विभाग ने 26 मार्च 2025 को बर्खास्त कर दिया है। राजेंद्र यादव ने माफियाओं के साथ मिलकर पिछले डेढ़ दशक में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक कराए। इससे 22 करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाई। एसओजी ने 20 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया। इसके बाद से वह जेल में है। राजेंद्र ने बेटे व बहू को भी जेईएन व शिक्षक भर्ती का पेपर पढ़ाया। दो वर्ष पहले ही उसका बेटा सिद्धार्थ डाक विभाग में नौकरी करता था। लीक पेपर पढ़कर पीडब्लूडी में जेईएन बना। वहीं, बहू विनीता तीन वर्ष पहले फर्स्ट ग्रेड टीचर बनी। राजेंद्र ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 का भी लीक पेपर भी सिद्धार्थ को लाकर दिया था। जिसमें वो सिलेक्ट भी हुआ। लेकिन पेपर लीक की खबरें आने पर जॉइनिंग नहीं की। अब एसओजी राजेंद्र के बेटे व बहू की भूमिका को लेकर जांच कर रही है। संबंधित भर्ती एजेंसी से भी जानकारी जुटाई जा रही है। 4. एक परिवार से बने 3 थानेदार, तीनों हुए बर्खास्त एसआई भर्ती परीक्षा का लीक पेपर पढ़कर एक ही परिवार के 3 लोग सब इंस्पेक्टर बन गए थे। जगदीश सिहाग 2014 में डमी कैंडिडेट को 10 लाख रुपए देकर SI सिलेक्ट हुआ था। वह भरतपुर एसपी ऑफिस में कार्यरत था। इस दौरान उसने अपनी बहन इंदुबाला व चचेरी बहन भगवती को भी 2021 की भर्ती में डमी कैंडिडेट की मदद से थानेदार बना दिया। उसने जोधपुर में अपनी दूर की रिश्तेदार वर्षा को 30 लाख रुपए में डमी कैंडिडेट बनने के लिए तैयार किया। भगवती व इंदुबाला 2015 में कॉन्स्टेबल बनी थी। दोनों की पोस्टिंग जालोर में थी। एसओजी की गिरफ्तारी के बाद 4 मार्च 2025 को दोनों को बर्खास्त कर दिया। वहीं सब इंस्पेक्टर जगदीश की भूमिका सामने आने पर उसे पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। 5. पत्नी ने लीक पेपर से दिलाई नौकरी, पति बर्खास्त खुद हुई निलंबित सांचौर में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर तैनात विमला जांगू ने अपने पति गोपीराम जांगू को लीक पेपर पढ़ाकर उसका SI भर्ती-2021 में सिलेक्शन कराया। इस मामले में एसओजी ने बाड़मेर के सिहागों के बेरी निवासी ट्रेनी एसआई गोपीराम जांगू को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा होने के बाद जोधपुर रेंज आईजी ने 4 मार्च 2025 को बर्खास्त कर दिया। इस मामले में एसओजी ने आरोपी पत्नी विमला को भी गिरफ्तार किया है। दरअसल, विमला ने ही पति के लिए पेपर का इंतजाम किया था। विमला अभी निलंबित चल रही है। उसे बर्खास्त करने की प्रक्रिया विभाग में विचाराधीन है। 6. टीचर ने बनाए थानेदार, पटवारी-बाबू…अब बर्खास्तगी की तैयारी दौसा के नांगल राजावतान निवासी रोशनलाल मीणा ने परिवार ही नहीं दोस्तों के एग्जाम में भी डमी कैंडिडेट बनकर उनकी सरकारी नौकरी लगवा दी। अपने भाई कंचनलाल को पटवारी, दोस्त मनीष मीणा को एसआई, दोस्त के भाई दिनेश और उसके मामा महेश को क्लर्क लगवाया। वहीं एक अन्य परिचित सागर मीणा का पटवारी भर्ती 2021 में चयन कराया। जांच में खुलासा होने पर रोशन फरार चल रहा है। एसओजी ने रोशन मीणा की मदद से नौकरी पर लगे सभी आरोपियों को उनके विभागों ने सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि इन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई अभी प्रक्रियाधीन है। जिस पर जल्द ही निर्णय होने की संभावना है। 7. ड्रग तस्कर ने बेटे-बेटी को बनाया थानेदार, अब दोनों बर्खास्त जालोर के बासड़ा धनजी गांव निवासी ड्रग तस्कर भागीरथ राम विश्नोई ने 20 लाख रुपए में एसआई भर्ती परीक्षा का लीक पेपर खरीद कर अपने बेटे व बेटी को एसआई बना दिया। ट्रेनी एसआई प्रियंका व दिनेश विश्नोई की अच्छी रैंक आई। एसओजी ने दोनों को आरपीए में ट्रेनिंग के दौरान पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि इनके पिता भागीरथ का जोधपुर जेल में पेपर लीक माफिया भूपेंद्र सारण के गिरोह से संपर्क हुआ था। जोधुपर रेंज आईजी विकास कुमार ने 3 मार्च 2025 को दोनों भाई-बहन को बर्खास्त कर दिया। 8. तस्कर की बेटी व दोस्त का बेटा भी बर्खास्त जोधपुर का हिस्ट्रीशीटर फिटकासनी निवासी श्रवण बाबल तस्करी छोड़ पेपर लीक गैंग से जुड़ गया था। जगदीश विश्नोई उर्फ गुरु से उसने एसआई भर्ती परीक्षा का लीक पेपर खरीदा। अपनी बेटी चंचल (एसआई मेरिट में 372वीं रैंक) और दोस्त के बेटे मालाराम का चयन कराया। एसओजी ने जांच में खुलासा होने पर चंचल और मालाराम को गिरफ्तार कर लिया। जोधपुर रेंज आईजी ने मालाराम को 25 फरवरी और चंचल को 4 मार्च को बर्खास्त कर दिया। हिस्ट्रीशीटर श्रवण बाबल के कई रिश्तेदारों भी एसओजी की रडार पर हैं। इनमें लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत दामाद भजनलाल, आरओ-ईओ भर्ती परीक्षा में चयनित फगलुराम जाणी, सीएचओ उगलाराम व दिनेश बाबल, वन विभाग में कार्यरत मैना बाबल शामिल हैं। हेल्पलाइन से मिले एक हजार परिवाद की जांच एसओजी के एडीजी वी. के. सिंह ने बताया कि जांच एजेंसी के हेल्पलाइन नंबरों पर पेपर लीक करने वाले मास्टरमाइंड और उनके परिजनों की सूचनाएं मिली थी। जांच में धीरे-धीरे खुलासे हुए। एसआई भर्ती परीक्षा में सिलेक्ट हुई ट्रेनी एसआई शोभा और उसके भाई देवेश के खिलाफ भी एसओजी को हेल्पलाइन से ही शिकायत मिली। अभी एक हजार से अधिक परिवाद हैं। आरपीएससी और आरएसएसबी से मिल रहे दस्तावेजों के आधार पर लगातार जांच की जा रही है। एसआईटी गठन के बाद करीब 110 एफआईआर दर्ज कर 280 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष 189 लोक सेवकों के खिलाफ विभागीय जांच प्रक्रियाधीन है। अब तक 86 कर्मचारी हुए बर्खास्त एटीएस-एसओजी के एडीजी वी. के. सिंह ने बताया कि एसआईटी गठन के बाद से 45 ट्रेनी एसआई सहित कुल 86 कर्मचारियों को बर्खास्त/सेवा से हटाया जा चुका है। आरएएस भर्ती-2013 के पेपर लीक का मास्टरमाइंड अमृत मीणा (पूर्व कॉलेज व्याख्याता), सरनाऊ (सांचोर) के प्रधान का पुत्र ओमप्रकाश ढाका (अध्यापक), पेपर लीक माफिया जगदीश विश्नोई का भाई भीखाराम (अध्यापक) शामिल है। एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में डीएसपी ओमप्रकाश गोदारा के बेटे करणपाल गोदारा को बीकानेर रेंज आईजी ने 2 मार्च को बर्खास्त किया। …. राजस्थान में पेपर लीक से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पेपरलीक मामले में बाबूलाल कटारा की जमानत खारिज:निलंबित RPSC मेंबर का तर्क- मुझे झूठा फंसाया पेपरलीक मामले में पिछले दो साल से जेल में बंद आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की जमानत याचिका खारिज हो गई है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि इस पूरे मामले में सबूतों को देखते हुए आरोपी जमानत पाने का हकदार नहीं है। पूरी खबर पढ़िए…


