करौली में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलनों में समस्याओं पर चर्चा:नई शिक्षा नीति और शिक्षकों की सेवा संबंधी विभिन्न मांगों पर विचार-विमर्श

करौली में विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन शनिवार को संपन्न हो गए। इन सम्मेलनों में नई शिक्षा नीति, स्कूल सुधार, तबादला नीति, पदोन्नति, अवसंरचना संबंधी समस्याओं और शिक्षकों की सेवा संबंधी विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। सैकड़ों शिक्षकों ने इन आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) का सम्मेलन करौली के भंवर विलास पैलेस में आयोजित हुआ। इसमें शिक्षकों ने पदोन्नति, प्रबोधक पदनाम परिवर्तन, पारदर्शी तबादला नीति, गैर-शैक्षिक कार्यों से मुक्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं का एक पारी में आयोजन और मानदेय वृद्धि जैसी प्रमुख मांगें रखीं। सम्मेलन के दौरान मुख्य वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, प्रखर राजस्थान-2, एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) और सीसीईए (कंटीन्यूअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवैल्यूएशन) के नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिक्षकों से विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने, बेहतर शैक्षणिक परिणाम देने और विभागीय कार्यों को समय पर पूरा करने का आह्वान किया गया। जिलेभर से शिक्षक, पदाधिकारी व प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे, और जिला अध्यक्ष विष्णु मंडल ने आभार व्यक्त किया। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का सम्मेलन श्रीमहावीरजी में आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने विद्यालयों की जर्जर भवन स्थिति, विभागीय समस्याओं के त्वरित समाधान, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और संस्कारवान नागरिक तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने अधिकारपूर्वक कर्तव्य पालन, अनुशासन, नामांकन वृद्धि, अवसंरचना में सुधार और शिक्षा क्षेत्र के लिए अधिक बजट आवंटन की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया। संगठन की सदस्यता, कार्यप्रणाली, शाखा स्तर की इकाइयों और जिला स्तर पर समन्वय को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। कई वक्ताओं ने राजकीय भवनों की मरम्मत व नए निर्माण के लिए सरकार से बजट स्वीकृति का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया और नए निर्वाचित पदाधिकारियों का अभिनंदन किया गया। शिक्षक संघ प्रगतिशील करौली का जिला स्तरीय अधिवेशन गुलाब बाग में संपन्न हुआ। इसमें नई शिक्षा नीति 2020, प्रखर राजस्थान, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति), शिक्षाकर्मी समस्याओं के समाधान और टीईटी परीक्षा से छूट जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। अधिकारियों ने शिक्षकों को विभागीय योजनाओं में महत्वपूर्ण सहयोगी बताया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। इस अधिवेशन में करौली और मासलपुर उपशाखाओं के चुनाव भी संपन्न हुए, जिसमें उपाध्यक्ष, मंत्री और कार्यकारिणी सदस्यों का निर्वाचन किया गया और उनका स्वागत किया गया।

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