भिलाई| छत्तीसगढ़ कर्मचारी, अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को बजट में शामिल करने की मांग की है। इसमें उन्होंने महंगाई भत्ते के एरियर्स की राशि, चार स्तरीय समयमान-वेतनमान, तीन सौ दिन का अर्जित अवकाश, संविदा, दैनिक वेतन भोगी और आउट सोर्सिंग कर्मियों को सम्मानजनक वेतन मान का प्रावधान शामिल है। कर्मचारियों और पेंशनरों को पांच लाख रुपए तक कैश-लेश चिकित्सा सुविधा दी जाए। पेंशनरों को केंद्र सरकार के पत्र 13 नवंबर 2017 के आधार पर महंगाई राहत के लिए मध्यप्रदेश सरकार की सहमति की अनिवार्यता समाप्त की जाए। कोविड के दौरान पदोन्नति और समयमान-वेतनमान की एरियर्स की राशि में लगा प्रतिबंध हटाया जाए। अपना मांगों को लेकर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल अनिल शुक्ला, महेंद्र सिंह राजपूत एवं संजय सिंह ने वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के मुताबिक इन मांगों पर दिसंबर 2024 में वित्त मंत्री ओपी चौधरी से विस्तृत चर्चा हो चुकी है।


