मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए अफसरों को 15 महीने का एक्शन प्लान दिया। उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश के सभी शहर तय समय में अतिक्रमण मुक्त हों। साथ ही, अगली दीपावली तक सभी 110 नगरीय निकाय लीगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) से पूरी तरह मुक्त हों। यानी आदमपुर खंती जैसा कोई कचरे का पहाड़ किसी भी शहर में न हो। सीएम ने अफसरों से हर जिले की आर्थिक और औद्योगिक संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर आत्मनिर्भर विकास की दिशा में एक्शन प्लान तैयार करने को कहा। अनुपयोगी जमीनों की पहचान कर लैंड बैंक तैयार करने और औद्योगिक उपयोग वाली जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित कार्य जल्द पूरे करने और ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन को रोजगार से जोड़ने के लिए नवाचार की बात भी कही। 9 घंटे चली इस मैराथन बैठक में सीएम हर सत्र में मौजूद रहे और खुद फीडबैक दिया। 6 महीने बाद प्रगति की समीक्षा होगी। सीएम ने इंदौर की हुकुमचंद मिल का उदाहरण देते हुए रतलाम, ग्वालियर, मुरैना जैसी जगहों पर पुराने मिल विवाद सुलझाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप को एमएसएमई से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को मार्केट दिलाएं। कांफ्रेंस में कलेक्टरों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया। टॉप-5 और बॉटम-5 जिलों के प्रदर्शन पर चर्चा हुई। गुना कलेक्टर किशोर कान्याल ने गुलाब की खेती में किसानों के नवाचार बताए, तो सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने ‘गिफ्ट-अ-डेस्क’ अभियान में मिली 14 हजार कुर्सियों की जानकारी दी।


