बारां में कांग्रेस ने आंकेडी गांव में हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी बारां ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना दिया। यह घटना 20 दिसंबर को सरपंच तोलाराम मीणा के घर पर हुई थी। धरने के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि अंता विधानसभा उपचुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और उनके समर्थकों ने तोलाराम मीणा के निजी आवास पर हमला किया था। इस दौरान तोड़फोड़ और वाहन में आगजनी की गई। जैन ने आरोप लगाया कि तोलाराम मीणा को चुनाव के समय कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में काम करने के कारण धमकियां मिली थीं, और यह घटना उन्हीं धमकियों का परिणाम है। कांग्रेस का कहना है कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपियों को अब तक नहीं पकड़ा गया है। धरने को संबोधित करते हुए अंता विधायक और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि बारां एक शांतिप्रिय जिला है, लेकिन हाल के घटनाक्रम लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं। भाया ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और तोलाराम मीणा व उनके परिवार को रिहा नहीं किया गया, तो कांग्रेस एक बड़ा आंदोलन करेगी। पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा, प्रदेश कांग्रेस सचिव हंसराज मीणा उदपुरिया सहित अन्य नेताओं ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। नेताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से मतदान और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार है, जिसे डर और हिंसा से दबाया नहीं जा सकता। ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि आंकेडी घटना के सभी दोषियों को सात दिन के भीतर गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार के खिलाफ दर्ज कथित झूठे प्रकरणों की निष्पक्ष जांच हो और पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से कानून का पालन सुनिश्चित करे। इस धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


