भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जशपुर जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सतर्कता एक बार फिर देखने को मिली, जब समय रहते की गई कार्रवाई से एक 17 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने त्वरित पहल करते हुए न सिर्फ विवाह की तैयारियां रुकवाईं, बल्कि परिजनों को कानून की जानकारी देकर किशोरी के भविष्य को सुरक्षित किया। मामला लोदाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत लोखंडी का है। प्रशासन को मंगलवार को सूचना मिली कि गांव में एक नाबालिग किशोरी का विवाह बुधवार को तय किया गया है। बताया गया कि किशोरी की उम्र 17 वर्ष है और उसकी शादी झारखंड के चैनुपर निवासी युवक से तय की गई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तत्काल गांव के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने सबसे पहले किशोरी के परिजनों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। टीम ने समझाया कि 18 वर्ष से कम उम्र में लड़की का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास तक का प्रावधान है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि बच्चियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए भी खतरा है। प्रशासनिक टीम की सख्त लेकिन संवेदनशील समझाइश के बाद किशोरी के परिजन अपनी गलती स्वीकार करने लगे। काफी चर्चा और समझाने के बाद परिजन बाल विवाह रोकने पर सहमत हो गए।


