जालंधर | कालिका धाम किशनपुरा में भक्तों की ओर से दुख निवारण चंडी महायज्ञ करवाया गया। इसमें आचार्य इंद्रदेव काली (बबलू पंडित) ने अध्यक्षता की। वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां डालीं। उन्होंने कहा कि यदि हम परिवार में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो हमें क्रोध पर अंकुश लगाना होगा। धर्म के ऋषि हों या विज्ञान के वैज्ञानिक, उनकी सफलता का रहस्य उनका शांत मन है। जिस प्रकार एक वैज्ञानिक की खोज लाखों को लाभ पहुंचाती है, उसी प्रकार प्रेम और वात्सल्य का वातावरण समाज को नई दिशा देता है। अतः, विद्वानों का सम्मान करें और द्वेष को त्याग कर प्रेम का विस्तार करें। कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


