ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई की मौत के बाद मालेरकोटला में मुस्लिम भाईचारे के लोग सड़कों पर निकल आएं। हजारों की संख्या में जुटे लोगों काले कपड़े पहन कर जहां अमेरिका और इजरायल के विरुद्ध रोष मार्च निकाला वहीं खामेनई की मौत पर आंसू भी बहाए। इस दौरान लोगों ने सरहंदी गेट पर धरना दे अमेरिका और इजरायल के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की है। इस रोष मार्च में मुस्लिम पुरूषों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। इस मौके मौलाना आजिम अली रिजवी, मौलाना सय्यद मुजतबा हुसैन जैदी, मौलाना रजी हैदर जैदी, मौलाना कमाल हुसैन और जमीर अली जमीर ने कहा कि शहर के लोग खामेनई से बेहद मोहब्बत करते हैं। उनकी मौत से खफा लोग घरों से निकल कर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वह खामेनई के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। दुनिया में जब भी किसी पर जुल्म हुआ तो खोमेनई ने सबसे पहले आवाज बुलंद की है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर कायरता भरा हमला किया है। इस हमले में खामेनई शहीद हो गए हैं। पूरी जिंदगी खामेनई ने अमेरिका के आगे अपने घुटने नहीं टेके हैं और न ही अपना सिर झुकने दिया है। खामेनई ने शहादत देकर अपनी बहादुरी का सबूत दिया है। अमेरिका और इजरायल ने पूरी दुनिया का माहौल खराब कर रखा है। अपने निजी स्वार्थो के लिए अमेरिका ईरान पर कब्जा करना चाहता है। लेकिन खामेनई की शहादत के बाद इस्लाम और मजबूत होगा। अमेरिका की दहशतगर्दी का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।


