भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल की अगुवाई में किसानों ने सचखंड श्री हरमंदर साहिब में माथा टेका तथा श्री अकाल तख्त साहिब पर पंजाब के जल संसाधनों की रक्षा करने के लिए अरदास की। उन्होंने इसके लिए संघर्ष शुरू करने का ऐलान भी किया। किसान नेता राजेवाल व हरजिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि आज किसान संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। पंजाब का पानी दूषित हो गया है इसमें कई केमिकल, मेटल, लेड, आर्सेनिक घुल मिल गए हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट एवं रिसर्च के मुताबिक अगले 4 साल में पंजाब के हर घर में एक कैंसर का मरीज होगा। पीने के लिए साफ पानी भी नहीं मिल पाएगा। पंजाब से अभी भी दूसरे राज्यों को पानी दिया जा रहा है। राजेवाल ने कहा कि पंजाब के पास कृषि योग्य 1 करोड़ एकड़ जमीन है जो हरियाणा से ज्यादा है मगर हरियाणा से कम पानी पंजाब के पास है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को पहले ही अपने हक से ज्यादा पानी मिल चुका है। हरियाणा यमुना का पानी हिमाचल को बेच रहा है लेकिन पंजाब को हिस्सा नहीं दे रहा है। इसलिए प्रदेश के पास एसवाईएल नदी के जरिए हरियाणा को देने के लिए कोई सरप्लस पानी नहीं है। सरकारें किसानों से डैम, नदियों के अधिकार छीन रही हैं और कई बड़ी कंपनियां बोरहोल के जरिए गंदा पानी ग्राउं वॉटर में डाल रही हैं। कोई भी सियासी पार्टी पंजाब के पानी के लिए आवाज नहीं उठा रही है, इसलिए हम पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ाई शुरू कर रहे हैं। उन्होने आंदोलन का बिगुल बजाते हुए कहा कि पहले हम गांव-गांव जाकर पंजाब के लोगों को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ बड़ी रैलियों के लिए इकट्ठा करेंगे ताकि पंजाब के पानी को लेकर किए गए गलत संवैधानिक समझौतों को रद्द करने के लिए दबाव डाला जा सके। अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बारे में राजेवाल ने कहा कि भारत कह रहा है कि हमने एग्रीकल्चर सेक्टर और डेयरी सेक्टर को नहीं खोला है, लेकिन अमेरिका कह रहा है कि भारत ने अमेरिका के लिए अपने मार्केट खोल दिए हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, भविष्य में केंद्र सरकार के खिलाफ पूरे भारत में बड़े आंदोलन शुरु किया जाएगा। मार्च में पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।


