उदयपुर| चिकित्सा विभाग ने शुक्रवार को वर्ष-2022 में किसान आंदोलन के दौरान उदयपुर से हरियाणा-यूपी में 90 दिनों तक रहकर किसानों का इलाज कर चर्चा में आने वाले बड़गांव सेटेलाइट अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अशोक शर्मा को एपीओ कर दिया है। आदेश दिए हैं कि डॉ. शर्मा तुरंत प्रभार से जयपुर मुख्यालय में उपस्थित देंगे। एपीओ होने के बाद डॉ. अशोक शर्मा के सोशल मीडिया पर 4 वीडियो वायरल हो गए। पहले वीडियो में डॉ. शर्मा हॉस्पिटल से हटाने वाले आदेश का जिक्र करते हुए कह रहे हैं कि मुझे क्यों और किस गलती से हटाया? दूसरे वीडियो में शुक्रवार को वे अस्पताल में इलाज करते हुए मरीजों से कह रहे हैं कि कुछ मरीजों का इलाज बाकी रह गया था, इसलिए आया हूं। मेरा एपीओ का ऑर्डर आ गया है। मैं सोमवार तक यहां हूं, इलाज करा लो। अगर जरूरत पड़ी तो सप्ताह में 1 दिन आकर बड़गांव की सड़कों पर बैठकर इलाज करूंगा। अस्पताल में इलाज कराने पहुंची एक बच्ची बिलखते हुए बोली- मत जाओ सर, मेरा इलाज कौन करेगा? अन्य मरीज भी भावुक हो गए। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य का कहना है कि डॉ. शर्मा के खिलाफ अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने जैसी शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। विभागीय जांच के आदेश मिले हैं। इन शिकायतों के आधार पर किया डॉक्टर को एपीओ भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा पदाधिकारियों से कहा कि डॉ. अशोक शर्मा किसान आंदोलन में किसानों के इलाज के लिए गए थे और ये कांग्रेसी व वामपंथी विचारधारा के हैं। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई कि डॉ. शर्मा ड्यूटी के लापरवाह हैं। समय पर ना अस्पताल आते हैं, ना मरीजों को अच्छे-से इलाज करते हैं। दूसरे डॉक्टरों के साथ भेदभाव करते हैं। जांच के लिए गठित कमेटी ने भी डॉ. शर्मा को दोषी बता दिया। सोशल मीडिया पर विरोध, डॉक्टर बोले- जरूरत पड़ी तो हर सप्ताह गांव की सड़क पर बैठ इलाज करूंगा


