किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कभी बीज नहीं मिलता, तो कभी खाद के लिए घंटों कतार में लगना पड़ता है। अब प्याज के दाम गिरने से किसान परेशान हैं। मंडियों में भाव इतने कम हैं कि किसान प्याज सड़कों और मंडी गेट पर फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। गुरुवार को रामाखेड़ी गांव के किसानों ने गुस्से में आकर 25 क्विंटल प्याज सड़क पर फेंक दी। किसानों का कहना है कि एक खाली कट्टी बारदान 11 रुपए में मिल रही है, जबकि उसमें प्याज भरकर मंडी में बेचने जाएं, तो सिर्फ 10 रुपए मिल रहे हैं। किसान और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री से मांग की है कि प्याज को भावांतर में शामिल किया जाए, ताकि किसानों को नुकसान से राहत मिल सके। लंबे समय तक ऐसे सुरक्षित रख सकते हैं प्याज किसान ने कहा- रेट नहीं मिला, 200 कट्टी प्याज फेंक दी रामाखेड़ी के किसान जसरथ सिंह मेवाड़ा ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ में प्याज लगाई, लेकिन मंडी में 10 रुपए प्रति कट्टी भाव मिला, जबकि खाली कट्टी ही 11 रुपए की है, इसलिए पूरी प्याज फेंक दी। इसी गांव के मोतीलाल, लखन मेवाड़ा और फूल सिंह ने भी कम भाव के कारण प्याज फेंक दी। बुधवार को तोरनिया के किसान सोहन वर्मा ने 50 कट्टियां सड़क पर फेंकी, क्योंकि 50 किलो की कट्टी का भाव सिर्फ 10 रुपए मिला।


