भास्कर संवाददाता | पाली शहर आने वाले किसानों को रियायती दर पर ठहराने के लिए शुरू किया किसान भवन सूना पड़ा है। मरम्मत के चलते भवन में एक साल से एक किसान नहीं रुका है। 4 मार्च 2011 को तत्कालीन कृषि राज्य मंत्री गुरमीत सिंह ने सब्जी मंडी के सामने बने इस किसान भवन का लोकार्पण किया था। 7 कमरे और एक डोरमेट्री बनाया था। उस समय डबल बेड वाले कमरों का किराया 150 रुपए और अन्य का किराया 220 रुपए तय किया था। हालांकि, लोकार्पण के बाद से देखरेख और सुध के अभाव में यह भवन धीरे-धीरे जीर्ण-शीर्ण होता गया और वीरान हो गया। भवन को फिर से उपयोगी बनाने और इसकी बेहतर देखरेख सुनिश्चित करने के लिए मंडी सचिव भागीरथ प्रजापत ने 3 दिसंबर को राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड सुमेरपुर अधिशासी अभियंता को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने किसान भवन को 5 साल के लिए पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर लीज (किराया) पर देने का प्रस्ताव दिया है। सचिव ने यह भी सुनिश्चित करने की बात कही है कि लीज पर दिए जाने के बाद भी भवन का 30 प्रतिशत भाग किसानों के लिए आरक्षित रखा जाए। भवन की दुर्दशा को देखते हुए विभाग ने मरम्मत कार्य पर लगभग 30 लाख रुपए खर्च किए। इन कार्यों में रंग-रोगन, छत की टूटी-फूटी मरम्मत, बाथरूम और टॉयलेट की मरम्मत, सेनेटरी फिटिंग और दीवारों पर 3-3 फीट की टाइल्स लगाने का काम शामिल था। मरम्मत कार्य को 30 जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार फर्म ने इस काम को नवंबर में जाकर पूरा किया। तय समय पर काम पूरा न करने के कारण फर्म पर 2 लाख रुपए की पेनल्टी भी लगाई गई है।


