फसलों की एमएसपी की लीगल गारंटी समेत 13 मांगों को लेकर पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन-0.2 एक साल से जारी है। वहीं, केंद्र सरकार के साथ 22 फरवरी को होने वाली छठे राउंड की मीटिंग से पहले 21 फरवरी को किसान आंदोलन में मारे गए युवा किसान नेता शुभकरण सिंह की बरसी मनाएंगे। इस दौरान एक तरफ जहां शुभकरण के पैतृक गांव बल्लोह बठिंडा तो दूसरी तरफ शंभू-खनौरी व रतनपुर बॉर्डर पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान इस मोर्चे के दौरान जान गंवाने वाले सभी किसानों को नमन किया जाएगा। जबकि 19 फरवरी को हरियाणा के सिरसा से पैदल पदयात्रा शुरू होगी जो 21 फरवरी को शुभकरण सिंह के गांव बल्लोह में पहुंचेगी। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन आज 16 फरवरी को 83वें दिन में दाखिल हो गया है। वहीं, उन्होंने कहा कि 22 तारीख को केंद्र सरकार से होने वाली मीटिंग में शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में मीटिंग में करीब आठ घंटे के सफर में परेशानी आई है। चंडीगढ़ में मीटिंग में जाते समय हुआ था एक्सिडेंट किसानों ने बताया कि चंडीगढ़ मीटिंग में भाग लेने जा रहे किसान नेता क़ुर्बुरु शांताकुमार (कर्नाटक) और पी आर पांड्यन जी (तमिलनाडु) का एक्सिडेंट हो गया था। इसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पी आर पांड्यन को अस्पताल से छुट्टी मिल गई , लेकिन क़ुर्बुरु शांताकुमार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें राजेंदरा अस्पताल के इंटेंसिव क्रिटिकल केअर यूनिट में रखा गया है। आज उन्हें एयर एंबुलेंस के माध्यम से बेंगलुरु में शिफ्ट किए जाने की संभावना है। एक साल में केवल पांच राउंड की मीटिंग हुई किसान आंदोलन 2.0 को 13 फरवरी को एक साल हो गया है। इस एक साल की अवधि में किसानों और केंद्र सरकार के बीच पांच राउंड की मीटिंग हुई है। 4 राउंड की मीटिंग लोकसभा चुनाव के पहले फरवरी महीने में हुई थी। जबकि 5वीं मीटिंग एक साल हुई है। वहीं, इस मीटिंग कुछ हद तक कामयाब रही है । बात का सिलसिला आगे बढ़ा है। केंद्र सरकार ने किसानों से 22 तारीख को मीटिंग तय की है। इस मीटिंग केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रहलाद जोशी जाएंगे। जबकि मीटिंग में पंजाब सरकार के मंत्री व अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। हालांकि किसानों का कहना है कि जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन और 25 फरवरी को दिल्ली कूच का प्रोग्राम अभी तक उसी तरह स्टैंड करता है। 22 तारीख की मीटिंग के बाद आगे की रणनीति तय होगी। हालांकि इस दौरान आंदोलन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया है।


