झारखंड कुरमी महासभा ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से टोटेमिक कुरमी/कुड़मी को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग की है। इस मामले में गुरुवार को 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की। इसमें विधायक रौशनलाल चौधरी, महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुमेश्वर महतो, कारीनाथ महतो, मोहन महतो, देवकी महतो आदि थे। अखिल भारतीय कुरमी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएस निरंजन, नीलम निरंजन, चित्रलेखा गंगवार और अनिल पटेल शामिल थे। गुरुवार को ही महासभा ने इस सबंध में बैठक भी की। बैठक में झारखंड में जातीय जनगणना कराने, कुरमाली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने पर भी चर्चा हुई। इस बीच, आदिवासी कुड़मी समाज के मुख्य संरक्षक अजित प्रसाद महतो ने भी आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समाज की मांग को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। ऐसे में 20 सितंबर 2025 से कुरमी समाज आंदोलन को बड़ा रूप देगा। इस आंदोलन के जरिये अपनी मांग को झारखंड-बंगाल से लेकर दिल्ली के नेताओं तक पहुंचाई जाएगी।


