कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एकीकृत कृषि के लिए प्रभावी बायोमास उपयोग और जैविक खेती पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई वाटर शेड विकास घटक योजना के तहत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. नूपुर शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के प्रायोजक जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग रहा। इसमें केंद्र द्वारा कृषकों को जैविक खेती, प्राकृतिक खेती के घटक, जैविक खेती प्रमाणन, बायोमास का प्रबंधन व जैव उर्वरक, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर जानकारी दी जा रही है। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. बीएल मीना ने कृषकों को जैविक उर्वरक व जैविक कीट नियंत्रण पर विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. सुरेश बैरवा ने कृषकों को जैविक खेती की अवधारणा तथा नर्सरी प्रबंधन पर जानकारी दी। केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. चमनदीप कौर ने कृषकों को मूल्य संवर्धन तथा प्रसंस्करण तकनीकी की जानकारी दी। केंद्र के प्रगतिशील जैविक व प्राकृतिक खेती के कृषक बत्तीलाल मीना ने प्रशिक्षण में कृषकों को जीवामृत व नीमस्त्र का प्रायोगिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 50 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।


