भास्कर संवाददाता | बड़वानी पाटी ब्लाक में कृषि विभाग ने तिलहन मिशन योजना के तहत पोसपुर के किसानों को अनुदान पर मूंगफली के बीज दिए गए थे। यह बीज बोवनी करने बाद अंकुरित नहीं हुए है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने नकली बीज देने का आरोप लगाते हुए मुआवजा देने की मांग की है। किसान लोहरसिंग पिता थेबड़ा, राजाराम सिंगा, फुगला व सयदाम पिता रूपसिंह ने कृषि विभाग से एनजीओ के माध्यम से 60-60 किलो मूंगफली का बीज खरीदा था। सभी ने अपने एक-एक एकड़ जमीन में मूंगफली का बीज बोया था। सभी किसानों का बीज अंकुरित नहीं हुआ। यह मूंगफली का बीज एनजीओ पाटी महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा प्रचार-प्रसार कर कृषि विभाग से किसानों को दिलाया गया था। किसानों ने इसकी जानकारी कृषि विभाग को दी। इसके बाद कृषि विभाग किसानों के खेतों में जाकर अवलोकन किया और पंचनामा बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया। जिसका अब तक कोई जवाब नहीं आया। इससे किसान नाराज हो रहे हैं। बीज रमसा एग्रो कंपनी का है, जो मप्र की ही कंपनी है। किसान लोहरसिंग सस्ते ने बताया मैं गरीब किसान हूं। खेती से ही परिवार चलता है। एक एकड़ जमीन में पत्नी व बेटे के साथ मूंगफली का बीज बोया है लेकिन घटिया होने के कारण अंकुरित नहीं हुआ। कृषि विभाग ने बीज कंपनी का हवाला देकर हमारी सुनवाई नहीं कर रहा। जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर क्षतिपूर्ति दिलाई जाएं। गर्मी शुरू होने पर बोवनी की दी थी सलाह ^किसानों को मूंगफली का बीज देकर कहा गया था कि गर्म मौसम व गर्म वातावरण में ही बोवनी की जाए लेकिन किसानों ने ठंड में बीज की बोवनी कर दी। इसके लिए अंकुरण नहीं हुआ है। इसकी जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -केसी वास्केल, डीडीए कृषि विभाग बड़वानी


