देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुरैना कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने इसे संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक समानता के मूल्यों पर हमला करार दिया। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर मनुवादी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। कहा कि बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के आदर्श बीजेपी को रास नहीं आते। सपा के नेताओं ने दावा किया कि सत्ता पक्ष लगातार संविधान की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमतर करने की कोशिश कर रहा है। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, नारेबाजी और सौंपा ज्ञापन
सपा के चंबल संभागीय प्रभारी रणवीर सिंह यादव और अन्य पार्टी नेताओं की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। “अमित शाह इस्तीफा दो,” और “बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लगाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने अमित शाह से माफी मांगने और उनके इस्तीफे की मांग की। सपा नेताओं ने ऐलान किया कि जब तक अमित शाह इस्तीफा नहीं देंगे और जनता से माफी नहीं मांगेंगे, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम लाल दीक्षित, चंबल संभागीय प्रभारी रणवीर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजोरिया, श्योपुर प्रभारी पुरुषोत्तम दुबे, इंद्रजीत सिंह गुर्जर सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। संविधान और लोकतंत्र के प्रति सपा का रुख
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करना है, जिससे दलित, पिछड़े और वंचित समाज के जीवन में सुधार आ सके। प्रदर्शन के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को भी सम्मान के प्रतीक स्वरूप प्रदर्शन स्थल पर लाया गया।


