सिटी रिपोर्टर | बोकारो केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों की ओर से 12 फरवरी को आहूत एक दिवसीय हड़ताल के पूर्व संध्या पर बुधवार को चास-बोकारो के बैंक व बीमा कर्मियों के संगठन एआईबीईए, एआईबीओए, बीईएफआई, एआईआईईए के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन मूलतः भारत सरकार द्वारा पूर्ण मजदूर विरोधी 29 लेबर लॉ को समाप्त कर नए लेबर कोड लागू करने, बैंकों का निजीकरण, बैंकों का समावेशन तथा बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई लाने के विरोध में किया गया। बैंक ऑफ इंडिया इंप्लाइज यूनियन, झारखंड स्टेट के उप महासचिव एसएन दास ने कहा कि यह हमारी अस्तित्व की लड़ाई है। क्योंकि जब यूनियन और लेबर कानून ही नहीं बचेंगे तो हमारा वजूद ही समाप्त हो जाएगा। नए लेबर कोड के माध्यम से हमसे हड़ताल करने का अधिकार छीन लिया गया। साथ ही नियुक्ति के बदले फिक्स्ड टर्म इम्पलाइंटमेंट, महिलाओं को समानता के अधिकार के नाम पर रात्रि पाली करवाने, यूनियन बनाने की पूर्व व्यवस्था को खत्म करने, काम के निर्धारित अवधि को बढ़ाने आदि के साथ-साथ बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी पूंजी निवेश की अनुमति देना, सरकारी क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण एवं समावेशन आदि के विरोध में हम कल पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे। केंद्रीय श्रमिक संगठनों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर अपनी चट्टानी एकता को प्रदर्शित करते हुए आगे भी नए श्रम कानून को निरस्त करने के लिए संघर्ष करेंगे। अवैध घोषित किए गए किसी भी हड़ताल में भागीदारी करने पर जुर्माना और जेल जाने तक का प्रावधान किया जा रहा है। हम इसके लिए अंतिम दम तक अपना संघर्ष करेंगे एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। प्रदर्शन को क्षेत्रीय सचिव दिलीप झा, बैंक यूनियन के राजेश ओझा, राजेश श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया।


