केंद्रीय बजट: उद्योगपतियों ने की विशेष आर्थिक पैकेज की मांगा, आयकर छूट सीमा बढ़ाई जाए

भास्कर न्यूज | अमृतसर वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को लेकर जहां उद्योगपतियों ने विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान करने की मांग की है। वहीं आयकर सीमा में छूट बढ़ाने की भी अपील की है। व्यापारियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में 20% की कटौती की मांग रखी है। भारतीय व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजीव अनेजा ने केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर विशेष पैकेज मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले जम्मू-कश्मीर को 32 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया था, लेकिन पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपनाई गई। श्री मारवाड़ी पंचायती बड़ा मंदिर श्री रघुनाथ जी ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य व उद्योगपति विपुल नेवटिया ने कहा कि बैंकों द्वारा कर्ज देने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल है, जिसका सरलीकरण अनिवार्य है। उन्होंने ब्याज दरों में कटौती की मांग करते हुए कहा कि जीएसटी की जटिलता को दूर करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि मध्यम वर्गीय व्यापारियों को राहत मिल सके। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रसिद्ध उद्योगपति रंजन अग्रवाल ने मांग की है कि देश में केवल दो ही जीएसटी स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होने चाहिए। उन्होंने जीएसटी सरलीकरण, इनपुट टैक्स क्रेडिट नियमों के युक्तिकरण और लंबित विवादित मामलों के जल्द समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई उद्योग का रिफंड निर्धारित समय में मिलना चाहिए। लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष अमित कपूर ने खुलासा किया कि दवाओं की खरीद-बिक्री संबंधी जीएसटी स्लैब में अंतर से निर्माता परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कच्चे माल की खरीद पर 18 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है, जबकि तैयार दवा की बिक्री पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है। इस अंतर के कारण जीएसटी रिफंड फंस जाता है और कैपिटल ब्लॉक हो जाती है। उन्होंने मांग की कि खरीद और बिक्री, दोनों पर एक ही स्लैब (5 प्रतिशत) लागू किया जाए। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष और पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर दुग्गल ने आयकर सीमा में छूट बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने देशवासियों के लिए आयकर छूट की सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए करने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने के कारण केंद्र को पेट्रोल-डीजल के दामों में 20 प्रतिशत की कटौती कर आम जनता को राहत देनी चाहिए।

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