नीमच से महज 7 किलोमीटर दूर गिरदौड़ा के सरकारी स्कूल में जब दैनिक भास्कर की टीम रियलिटी चेक के लिए पहुंची, तो वहां मिड-डे मील की हकीकत सामने आई। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया और कई बड़े अफसरों ने इसी स्कूल में बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया था। गणतंत्र दिवस के दिन जब मंत्री और जिले के आला अधिकारी स्कूल आए थे, तो बच्चों के लिए शानदार टेंट लगाया गया था और जमीन पर ग्रीन कारपेट बिछाया गया था। लेकिन मंगलवार को जैसे ही वीआईपी मेहमान विदा हुए, व्यवस्थाएं भी बदल गईं। भास्कर की टीम ने देखा कि अब बच्चे स्कूल के खुले हॉल में केवल दरी पर बैठकर खाना खा रहे थे और वहां धूल भी उड़ रही थी। मेन्यू के हिसाब से मिला खाना, बच्चों ने बताया ‘रोज मिलता है अच्छा भोजन’ खाने की क्वालिटी को लेकर जब तीसरी कक्षा की छात्रा मनस्वी और छात्र पवन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें मंगलवार को भी खीर, पूरी और आलू-मटर की सब्जी दी गई है। बच्चों का कहना था कि उन्हें स्कूल में रोज अच्छा खाना मिलता है और बर्तन साफ करने के लिए अलग से कर्मचारी नियुक्त हैं। स्कूल की प्राचार्य वैशाली के अनुसार, 130 बच्चों में से करीब 100 बच्चे रोजाना भोजन करते हैं और वे खुद खाने की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करती हैं। दिखावे की सफाई: टीम के सामने जलाए गए पुराने पत्तल-दोने रियलिटी चेक के दौरान एक तरफ तो खाना अच्छा मिल रहा था, वहीं दूसरी तरफ स्कूल परिसर में गंदगी की तस्वीर भी दिखी। गणतंत्र दिवस पर हुए विशेष भोज के पत्तल-दोने स्कूल के मैदान में उड़ते हुए नजर आए। एक क्लास के बाहर इन पत्तल-दोनों का ढेर लगा था, जिसे भास्कर की टीम के सामने ही शिक्षकों ने आग लगाकर जला दिया ताकि गंदगी को तुरंत साफ किया जा सके। गणतंत्र दिवस पर लगा था दिग्गजों का जमावड़ा बता दें कि सोमवार को इस स्कूल में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के साथ सांसद सुधीर गुप्ता और नीमच, मनासा और जावद के विधायकों सहित कलेक्टर-एसपी ने भी भोजन किया था। उस दिन बच्चों को लड्डू भी परोसे गए थे और पूरा माहौल किसी बड़े उत्सव जैसा था, जो अगले ही दिन सामान्य सरकारी ढर्रे पर लौट आया।


