भास्कर न्यूज|अमृतसर डीसी साक्षी साहनी ने नए साल पर सेहत विभाग के अफसरों संग मीटिंग कर कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बॉर्डर इलाकों से सटे गांवों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में समस्याएं उठानी पड़ती हैं। सेहत विभाग सभी गांवों तक अपनी पहुंच बनाएं। सीमा क्षेत्र के गांवों में लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से सेवाएं लें। अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा अधिनियम के तहत 2017 का चालान काटकर 57730 रुपए का जुर्माना लगाने के साथ ही 7 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाया गया है। आम आदमी क्लीनिकों में 80 तरह की दवाइयां और 38 तरह के लैब टेस्ट मुफ्त हो रहे हैं। 15 अगस्त 2022 से नवंबर 2024 तक 2426783 लोगों ने इलाज कराया। 403129 लोगों का निशुल्क लैब परीक्षण किया गया। सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने डीसी को बताया कि शहरी आबादी 1318520 तो ग्रामीण आबादी 1406113 है। स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए 7 हैलब ब्लॉक, 1 जिला अस्पताल, 2 मेडिकल कॉलेज, 2 सब-डिवीजनल अस्पताल, 8 सीएचसी, 16 शहरी पीएचसी, 28 पीएचसी, 819 ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियां, 1139 आशा वर्कर ग्रामीण क्षेत्र और 382 शहरी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहीं। जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के कल्याण के लिए गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों और अनुसूचित जाति की महिलाओं को सरकारी अस्पतालों और मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों की सुविधा प्रदान की जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव के लिए 700 और शहरी महिलाओं के लिए 600 रुपए दिए जाते हैं। इसी तरह राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक बार स्कूलों और आंगनबाड़ियों में भी केंद्रों में 2 बार चेकअप किया जाता है। योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 888 स्कूलों में 108614 छात्रों का विजिटिंग डॉक्टरों द्वारा चेकअप किया गया है। मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष योजना के तहत कैंसर मरीजों के लिए संबंधित सरकारी अस्पताल, मान्यता प्राप्त अस्पताल को 1.50 लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाती है। योजना का जनवरी 2024 से नवंबर तक 150 मरीजों को लाभ मिला है। डॉ. गुरमीत कौर ने कहा कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई थी। जिसके अंतर्गत 11 सरकारी अस्पताल और 77 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। नवंबर 2024 तक 135089 मरीजों को 182,80,20,802 रुपए की सहायता दी गई। योजना के तहत 619650 राशन कार्ड धारक, 35097 किसान, 1352 निर्माण श्रमिक, 165 छोटे व्यापारी, 184 पत्रकार और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 54305 परिवार दर्ज हैं। इस मौके पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. राजिंदरपाल कौर, जिला टीकाकरण अधिकारी भारती धवन, जिला परिवार एवं कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम भगत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. राजिंदरपाल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी जसपाल सिंह, जिला टीबी अधिकारी डॉ. विजय, अमनदीप सिंह व अन्य मौजूद रहे।


