कोटा के रामगंजमंडी में भारतीय किसान संघ, चित्तौड़ प्रांत की ओर से किसानों ने हुंकार रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर में बैठकर रैली में शामिल हुए। नारे लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पहुंचे। जहां किसानों ने तहसीलदार नेहा वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जल्द से जल्द फसल खराबे का मुआवजा किसानों के खातों में डालने की मांग की। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी, 12 फरवरी के पहले किसानों खाते में मुआवजा नहीं आता है,तो 13 से धानमंडी बंद करके किसान गेट पर बैठेगा। वहीं खाना पकाएगा, और खाएगा जब तक फैसला नहीं होगा। भारतीय किसान संघ के प्रहलाद धाकड़ ने बताया आज चेचट-रामगंजमंडी) के किसान मां बीजासन माता मंदिर परिसर इकठ्ठा हुए। यहां से ट्रैक्टर रैली लेकर उपखंड कार्यालय पहुंचे, 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। धाकड़ ने कहा-रामगंजमंडी में सोयाबीन की फसल पूरी तरह से खराब हुई थी। राजस्थान सरकार ने 50 प्रतिशत खराब मानकर एमएसपी पर फसल खरीदी। 6 महीने बीत चुके हैं। उसके बाद भी किसानों को फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिला। शिक्षा मंत्री, रामगंजमंडी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसानों को फसल खराबे का मुआवजा दिलाना, उनकी समस्याओं को दूर करना, किसानो की मांग सरकार तक पहुंचाना। ये उनका काम था। लेकिन उनकी कमजोरी की वजह से आज किसानों को सड़क पर आना पड़ रहा है। आज किसानों ने सरकार को संदेश पहुंचाने के लिए ज्ञापन दिया है। राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नियम में बदलाव किया है। जिस कारण किसानों को मुआवजा मिलने में परेशानिया हो रही है। अगर 12 फरवरी के पहले किसानों खाते में मुआवजा नहीं आया तो 13 से धानमंडी बंद करके किसान गेट पर बैठेगा।


