कोटा शहर के छावनी रामचंद्रपुरा क्षेत्र में आवारा सांडों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। वार्ड संख्या 42 में राधाकृष्ण मंदिर के पास स्थित एक कॉलोनी में आवारा सांडों के हमले से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बुजुर्ग की पहचान टीकमचंद सुमन के रूप में हुई है, जिन्हें गंभीर हालत में मैत्री हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉलोनी में दो से तीन आवारा सांड आपस में लड़ रहे थे। कॉलोनीवासियों ने उन्हें वहां से भगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही दूरी पर गली के मोड़ पर सांड दोबारा आपस में भिड़ गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बुजुर्ग टीकमचंद सुमन सांडों की चपेट में आ गए। सांडों ने उन्हें उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। बताया जा रहा है कि उनके सिर में खून का थक्का जम गया है। फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। सांडों की लड़ाई और बुजुर्ग को घायल करने की पूरी घटना पास ही लगे एक मकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर सांडों का आपस में भिड़ना और बुजुर्ग को पटकते हुए देखा जा सकता है, जिससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन निगम प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। क्षेत्रीय पार्षद अंशु श्रृंगी ने आरोप लगाया कि आवारा पशुओं को लेकर निगम के ठेकेदारों और अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं घायल बुजुर्ग के पुत्र बिरजू सुमन ने निगम अधिकारियों के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बढ़ सकते हैं।


