भास्कर इनसाइट कोडरमा में 500-500 मेगावॉट के दो पावर प्लांट हैं। इसमें से एक यूनिट को तकनीकी मरम्मत के लिए 17 दिसंबर से ही 35 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके बंद होने के कारण बोकारो समेत राज्य के अन्य जिलों में बिजली संकट गहरा गई है। ऐसे में चास, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह सहित अन्य जिलों में इसका असर पड़ रहा है। चास-बोकारो में प्रत्येक दिन 5 से 7 घंटे बिजली कटौती हो रही है। इससे जिले की लगभग 12 लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। गर्मी में बिजली कटौती होती थी, अब ठंड में भी होने लगी है। इसका खामियाजा बोकारो जिला की जनता को जूझना पड़ रहा है। चास के कार्यपालक अभियंता एसबी तिवारी ने कहा कि जल्द ही बिजली समस्या का निदान होगा। लगभग 20 से 25 मेगावॉट कम आपूर्ति हो रही है, इस कारण 6 घंटे बिजली कट रही है। 25 मेगावॉट बिजली की कटौती 17 दिसंबर की शाम से इस यूनिट के आवश्यक रख-रखाव का काम शुरू किया गया है। वहीं बोकारो थर्मल पावर प्लांट में भी ऐश पौंड का छाई नहीं हटाए जाने के कारण बिजली आपूर्ति कम हो रही है। कोडरमा व बीटीपीएस से बिजली आपूर्ति कम होने का असर चास-बोकारो में भी पड़ रही है। चास प्रमंडल में 85 मेगावॉट बिजली मिलती है, पर अभी 25 मेगावॉट बिजली कट रही है। इसके कारण लगभग 60 मेगावॉट बिजली मिल रही है। इससे लोगों को बिजली समस्या का सामना करना पड़ रहा है।


