कोदवा| अंचल में छेरछेरा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही बच्चे व युवाओं की टोली घर-घर पहुंचे हुए थे। छेरछेरा पर्व मुख्य रूप से अन्नदान और दान-पुण्य का त्योहार माना जाता है। इस दिन दान करने से घर में सुख-समृद्धि और अन्न भंडार भरा रहता है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि छेरछेरा पर्व सामाजिक एकता, सहयोग और भाईचारे का संदेश देता है। यह पर्व नई फसल के आगमन के खुशी का प्रतीक भी है।


