झारखंड हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस स्व. एमवाई इकबाल की जमीन पर बने चारदीवारी को तोड़कर कब्जा करने के मामले में स्वत: संज्ञान से दर्ज याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि वर्तमान कानून शायद जमीन माफिया को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए, इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाने की जरूरत है। अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में इस विषय पर सुझाव देने का निर्देश दिया है। वहीं, मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी। अदालत ने राज्य सरकार से जमीन विवाद के लंबित आपराधिक मामलों की अप टू डेट जानकारी भी अगली तिथि को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में दायर हस्तक्षेप याचिकाएं वापस लेने की अनुमति प्रदान करते हुए कहा कि वह उचित फोरम या सक्षम अदालत में अलग से अपनी याचिका दाखिल करें।


