पूजा सिंघल के विरुद्ध मनी लाउंड्रिंग के आरोप में बिना अभियोजन स्वीकृति भी उनके खिलाफ ट्रायल चलेगा। न्यायाधीश अंबुज नाथ की अदालत ने पूजा सिंघल की याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद इससे संबंधित आदेश दिया है। पूजा सिंघल ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आरोप पत्र के आधार पर पीएमएलए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती दी थी। पूजा सिंघल की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उनके खिलाफ दायर आरोप पत्र पर ट्रायल कोर्ट ने बिना अभियोजन स्वीकृति के ही संज्ञान लिया है। नियमानुसार इस मामले में सरकार से सीआरपीसी की धारा-197 के तहत अभियोजन स्वीकृति लेने के बाद ही ट्रायल कोर्ट संज्ञान लेने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकता है। ईडी की ओर इस दलील का विरोध करते हुए कहा गया कि सीआरपीसी की धारा-197 के तहत सरकारी अधिकारियों को सुरक्षा देने के लिए अभियोजन स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारी को सरकारी कामकाज के दौरान किसी के द्वारा गलत तरीके से फंसा कर परेशान करने पर सुरक्षा देना है। सीआरपीसी के इस प्रावधान का इस्तेमाल किसी अधिकारी को भ्रष्टाचार के मामले में सुरक्षा देने के लिए नहीं किया जा सकता है। पूजा सिंघल के मामले में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला पाया गया है।


