इस वर्ष नवंबर से ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात में ओस गिर रही है। समूचा उत्तर भारत शीत लहर की चपेट में है। उत्तर भारत के कुछ इलाकों में अभी से रात में कोहरा और धुंध हो गई है, जबकि यह दिसंबर से शुरू होता है। ऐसे में रेलवे ट्रेन परिचालन में बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत 7 जोन की 247 ट्रेनों के पहिए थमने वाले हैं। इनमें कुछ ट्रेनें 50 कुछ 60 और कुछ 90 दिन तक कैंसिल है। हर ट्रेन के कैंसिलेशन का औसत 60 दिन होता है तो इन 3 महीनों में 247 ट्रेनों के 14,820 फेरे रद्द किए गए हैं। इन क्षेत्रों में बिहार, पंजाब और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। अल्टरनेट दिनों में इन ट्रेनों के रिजर्वेशन ब्लॉक किए जा चुके हैं। इससे 2 करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा नहीं कर सकेंगे ये सात जोन जिनकी ट्रेनें कोहरे से प्रभावित रह सकती हैं नार्दन रेलवे की 89, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की 80, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे की 14, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे की 12, नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे की 30, ईस्ट रेलवे की 15 और साउथ ईस्ट रेलवे की 7 ट्रेनों को कोहरे की आशंका के कारण अलग-अलग दिनों के लिए रद्द किया गया है। औसतन 1500 लोग प्रति ट्रेन करते हैं सफर लंबी दूरी की एक ट्रेन में शुरू से लेकर आखिरी स्टेशन तक लगभग 1500 लोगों के सफर करने का अनुमान रेलवे प्रशासन का है। इस तरह 2 करोड़ 22 लाख से 30 हजार से अधिक यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। सबसे ज्यादा ट्रेनें नॉर्दर्न रेलवे की 89, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की 80, एनसीआर की 14, एनएफआर की 30, ईस्टर्न रेलवे की 15 और ईस्टर्न रेलवे की 7 ट्रेनें शामिल हैं।


