अमृतसर| भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर की सूजन को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। अमृतसर के ईएमसी हॉस्पिटल के डॉ. अमरनाथ ने क्रॉनिक इंफ्लेमेशन के प्रति लोगों को आगाह किया है। उन्होंने इसे शरीर के अंदर एक “धीमी आग’ बताया जो धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाती है। डॉ. अमरनाथ के अनुसार, सूजन शरीर की एक प्राकृतिक रक्षा प्रणाली है, लेकिन जब यह महीनों या सालों तक बनी रहे, तो यह क्रॉनिक इंफ्लेमेशन बन जाती है। इसके पीछे खराब जीवनशैली, मोटापा, धूम्रपान, तनाव और प्रदूषण जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं। इसके लक्षण धीरे-धीरे नजर आते हैं, जिनमें लगातार थकान, जोड़ों का दर्द, पाचन समस्याएं और नींद में कमी शामिल हैं। डॉ. अमरनाथ ने सलाह दी कि जीवनशैली में सुधार करके इस समस्या से बचा जा सकता है।


