क्षेत्रीय-जनजातीय भाषाओं पर आज से बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव

रांची| क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा देने तथा राज्य की भाषा नीति तैयार करने को लेकर बुधवार और गुरुवार को राजधानी रांची में राष्ट्रीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। कॉन्क्लेव का उद्घाटन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार करेंगे। इसमें झारखंड, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, त्रिपुरा, हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से आए प्रमुख शिक्षाविद, शिक्षक और भाषा विशेषज्ञ शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद एक साथ मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रभावी भाषा नीति पर चर्चा करेंगे। कार्यशाला में जनजातीय और मातृभाषा आधारित शिक्षण से जुड़ी उपलब्धियों और चुनौतियों पर भी मंथन होगा। तकनीकी सत्रों में एनसीईआरटी की प्रो. उषा शर्मा, एलएलएफ के डॉ. धीर झिंगरन और यूनिसेफ की पारुल शर्मा शामिल होंगी। वहीं पैनल चर्चा में प्रो. रामानुजन मेघनाथन, अनुभव राजेश और डॉ. महेंद्र मिश्र तथा शिक्षक वक्ताओं में रमेनी मुंडा, दिलीप कुमार किस्कू और दमयंती बिरुआ अपने विचार रखेंगे। आयोजन में शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन समेत एनसीईआरटी, यूनिसेफ, लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के प्रतिनिधि, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विशेषज्ञ, प्रख्यात शिक्षाविद और विभिन्न राज्यों के शिक्षक शामिल होंगे।

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