ऑनलाइन ठगी करने वालों ने अरब देश से लेकर खंडवा तक धोखाधड़ी का जाल बुन रखा है। ठगों ने शहर के एक रेलवे अधिकारी को म्यूचुअल फंड में रुपए दोगुने करने का लालच देकर 37 लाख 77 हजार रुपए ठग लिए। मामले में कोतवाली पुलिस ने मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ठगी के इस बड़े रैकेट का सरगना मुंबई का अब्दुल सत्तार है, जो पिछले एक साल से सऊदी अरब में बैठकर यह नेटवर्क चला रहा है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराएगी। टीआई प्रवीण आर्य ने बताया कि रेलवे अधिकारी शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करते रहते थे। उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रुपए दोगुने करने का दावा किया गया था। यह विज्ञापन सत्तार द्वारा सोशल मीडिया पर भेजा गया था। अधिकारी ने विज्ञापन में दिए नंबर पर कॉल किया। इसके बाद आरोपियों ने अधिकारी के नाम से फर्जी साइट पर आईडी बना दी और उसमें इन्वेस्टमेंट दिखाना शुरू किया। वाट्सएप कॉल पर बातचीत कर भरोसा जीता गया। पहले डबल रिटर्न दिया, फिर हड़पी रकम अधिकारी ने शुरुआत में 3 से 10 हजार रुपए इन्वेस्ट किए, जिसके बदले उन्हें दोगुने रुपए मिले। इससे अधिकारी के मन में लालच आ गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में 37 लाख 77 हजार 999 रुपए दांव पर लगा दिए। ठगों ने अपनी साइट की स्क्रीन पर इस रकम का मुनाफा 2 करोड़ रुपए दिखाया। यह देख अधिकारी ने साइट पर अपना अकाउंट बंद कर रुपए निकालने की कोशिश की, तभी साइट लॉक हो गई। बेंगलुरु के खातों में ट्रांसफर किया पैसा ठगों ने अधिकारी के 37.77 लाख रुपए बेंगलुरु के चार बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। ये खाते सत्तार के एजेंट मो. रशीद उर्फ अली (50) निवासी सुभाष नगर, मुंबई और अभिषेक उर्फ गोपाल (25) निवासी अंधेरी, मुंबई ने पहले से तैयार किए थे। पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, आरोपियों से पैसा जब्त नहीं हो सका है क्योंकि उन्होंने सारी रकम सत्तार को ट्रांसफर कर दी थी। प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई जेल से लाया गया रशीद और गोपाल के खिलाफ ठाणे में भी ऑनलाइन धोखाधड़ी का केस दर्ज था, जिसमें मुंबई क्राइम ब्रांच ने उन्हें जेल भेजा था। रेलवे अधिकारी के केस में पूछताछ के लिए कोतवाली एसआई अविनाश भोपले और एएसआई भगवत लोखंडे ने दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पुलिस अब तस्दीक के लिए उन्हें उनके मुंबई स्थित घर ले जाएगी और फिर वापस मुंबई जेल में दाखिल कराएगी। कपड़ा व्यापारी से ठग बना सत्तार, 250 करोड़ का फ्रॉड एएसआई लोखंडे ने बताया कि सरगना अब्दुल सत्तार मूलतः मुंबई का कपड़ा व्यापारी था। एक साल पहले वह दुबई भाग गया और वहां से ऑनलाइन ठगी करने लगा। उसके एजेंट लोगों को 10 से 12 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर मुंबई बुलाते हैं और होटलों में ठहराते हैं। वहां उनके बैंक खाते, एटीएम और सिम का उपयोग कर पैसे रोटेट किए जाते हैं। आरोपियों के मोबाइल की जांच में खुलासा हुआ है कि बीते ढाई माह में उन्होंने 250 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।


