कूनो और गांधी सागर सेंक्चुरी के बाद नौरादेही अभयारण्य चीतों का नया ठिकाना बनने वाला है। खजुराहो में 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका ऐलान कर सकते हैं। दो दिन तक पूरी सरकार खजुराहो में रहने वाली है। इस दौरान विभागों की समीक्षा, कैबिनेट की बैठक, कैबिनेट कमेटी फॉर इनवेस्टमेंट प्रमोशन (सीसीआईपी) और पब्लिक के कार्यक्रम होने वाले हैं। नौरादेही सेंक्चुरी का क्षेत्र सागर, नरसिंहपुर और दमोह क्षेत्र में फैला हुआ है। शासन में नौरादेही को चीते का नया ठिकाना बनाने की तैयारी पहले से थी, घोषणा अब होगी। खजुराहो में 9 दिसंबर को तमाम मंत्री जंगल सफारी भी करने वाले हैं। इसके साथ ही खजुराहो में सीसीआईपी की बैठक होने वाली है। इसमें सागर के मसवासी ग्रांट में 1500 एकड़ जमीन पर निवेश के लिए उद्योगों को मोहासा-बाबई जैसे इंसेटिव देने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मोहासा-बाबई में में निवेशकों को जमीन, विकास शुल्क, स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और पानी की आपूर्ति पर कई खास छूटें मिल रही हैं, जैसे भूमि पर 25% प्रीमियम, विकास शुल्क का 20 साल में भुगतान, 100% स्टांप ड्यूटी की वापसी और पानी 25 रुपए लीटर की दर पर दिया जा रहा है। मसवासी ग्रांट में भी कुछ इसी तरह की छूट दी जा सकती है। ताकि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिले।


