खरगोन पुलिस ने बलवाड़ा के ग्वालूघाट क्षेत्र में चाकू मारकर रेपिडो कार लूटने के मामले का गुरुवार को पर्दाफाश किया है। मामले में उज्जैन से दो नाबालिगों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने बलवाड़ा और बुरहानपुर में लूट व चोरी की तीन अन्य वारदातों को भी कबूल किया है। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने शाम 5:30 बजे इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लूटी गई 8 लाख रुपए की कार, दो मोबाइल फोन और नकदी बरामद कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पर पहले से ही 13 मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने योजना बनाकर इंदौर से कार किराए पर बुक की थी। पुलिस रिमांड पर उनसे आगे की पूछताछ जारी है। बुधवार रात बलवाड़ा थाने में फरियादी संजय पिता मांगीलाल वर्मा (26 वर्ष, निवासी आनंदनगर, इंदौर) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी टैक्सी ऑरा कार इंदौर के कुशवाह नगर से ओंकारेश्वर के लिए बुक की थी। कुशवाह नगर से तीन सवारियों को बिठाकर वे ओंकारेश्वर के लिए निकले थे। चाकू अड़ाकर उनसे पैसे मांगे
ग्वालूघाट के नीचे पहुंचने पर सवारियों ने फ्रेश होने के बहाने गाड़ी रुकवाई। इसके बाद चाकू अड़ाकर उनसे पैसे मांगे गए। फरियादी ने 600 रुपए दे दिए। मोबाइल मांगने पर मना करने पर आरोपियों ने उनके उल्टे हाथ के बाजू में चाकू से तीन बार वार किए। इसके बाद संजय वर्मा मोबाइल और गाड़ी छोड़कर भागे, और तीनों आरोपी उनकी ऑरा टैक्सी (MP09AQ3173) लेकर फरार हो गए। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शकुंतला रूहल, एसडीओपी अर्चना रावत और थाना प्रभारी अनिल बामनिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और फरियादी से आरोपियों के हुलिए की जानकारी जुटाई। इंदौर-बलवाड़ा के बीच लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। मुखबिरों और साइबर सेल की मदद से पता चला कि आकाश पिता लक्ष्मीनारायण तिगरिया (बादशाह, इंदौर) और दो नाबालिग बालकों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों को लूटी गई कार के साथ उज्जैन के पवासा क्षेत्र में घूमते हुए घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बुरहानपुर जिले के गणपति नाका और निंबोला थाना क्षेत्र में चाकूबाजी कर लूट व चोरी की अन्य घटनाओं को भी कबूल किया है। पुलिस को अन्य चोरी व लूट के मामलों में भी खुलासे की उम्मीद है।


