खरगोन वेयर हाउस संचालकों का 8 साल से किराया बकाया:PM-CM के नाम सौंपा ज्ञापन, बोले- पेमेंट नहीं होने से किस्तें नहीं भर पा रहे

खरगोन जिले में वेयर हाउस ऑनर्स एसोसिएशन ने अपनी समस्याओं के समाधान और लंबित बकाया भुगतान की मांग की है। एसोसिएशन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम एक मांग पत्र अपर कलेक्टर रेखा राठौर को सौंपा। मांग पत्र में बताया गया है कि वेयर हाउस संचालकों को वर्ष 2017 से बकाया और अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया गया है। भावांतर योजना के तहत फसल खरीदी के कारण उनका कामकाज बंद है और गोदाम खाली पड़े हैं। संचालक बोले- किराया नहीं मिलने से किस्तें नहीं भर पा रहे वेयर हाउस संचालक प्रतिनिधि विकास बडोले ने बताया कि गोदामों का संचालन वैज्ञानिक और सुरक्षित भंडारण मापदंडों के अनुसार करना होता है। इसमें चौकीदार, बिजली बिल, दवाइयां, फ्यूमिगेशन स्प्रे, सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी पर लगातार खर्च आता है। समय पर किराया न मिलने से बैंक की किस्तें भी अनियमित हो रही हैं, जिससे आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 129 गोदामों का निर्माण और संचालन हो रहा जिले में भारत सरकार की ग्रामीण भंडारण योजना के तहत ऋण लेकर कुल 129 गोदामों का निर्माण और संचालन किया जा रहा है। इन पर लगभग 400 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। ये गोदाम मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन को किराए पर देकर सरकार द्वारा खरीदी गई गेहूं, मूंग, चना, चावल, सरसों, सोयाबीन और अरहर जैसी सभी प्रकार की फसलों के भंडारण में सहयोग करते हैं। एसोसिएशन ने मूंग और सोयाबीन में प्राकृतिक सूखत (वजन में कमी) के प्रावधान पर भी निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मूंग में 2% और सोयाबीन में 3 से 4% तक प्राकृतिक सूखत होती है, जिसके लिए कोई प्रावधान नहीं है, जिससे संचालकों को नुकसान हो रहा है।

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