एमएसपी पर मूंगफली की खरीद को लेकर खरीद केंद्रों पर गड़बड़ियां उजागर होने लगी हैं। ताजा मामला बज्जू केवीएसएस के राववाला खरीद केंद्र का है, जहां किसान से दो बोरी मूंगफली एक्स्ट्रा देने मांग की गई। अधिकारियों के समक्ष रोते हुए अपनी पीड़ा उजागर करते किसान का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद केवीएसएस के मुख्य व्यवस्थापक को एपीओ कर दिया गया। जिले में करीब 42 केंद्रों पर इन दिनों एमएसपी पर मूंगफली की खरीद चल रही है। नए खरीद केंद्रों को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। इस बीच किसान भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्य व्यवस्थापकों की शिकायतें करने लगे हैं। राववाला खरीद केंद्र पर पिछले दिनों मूंगफली तुलाई के दौरान एक किसान से 40 क्विंटल मूंगफली की खरीद पर दो बोरी एक्स्ट्रा देने की मांग की गई थी। इसे लेकर वहां विवाद बढ़ गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को किसान रोते हुए अपनी पीड़ा बताने लगा। इस दौरान किसी ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसके बाद सहकारिता विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य व्यवस्थापक सांवरिया लाल पालीवाल को एपीओ कर उनके स्थान पर गजेंद्र बिश्नोई को लगाया है। हालांकि आदेश में प्रशासनिक कारणों से एपीओ करना बताया गया है। भास्कर इनसाइट- राजफेड ने केवल किसान के बयान लिए, जांच ही अधूरी बज्जू केवीएसएस में भ्रष्टाचार की जांच के लिए सहकारिता मंत्री को लिखा पत्र जल उपभोगता संगम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार खीचड़ ने सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक को पत्र लिखकर मुख्य व्यवस्थापक पर पार्टनरशिप में ठेकेदारी करने का आरोप भी लगाते हुए केवीएसएस में भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है। खीचड़ ने बताया कि जिले के उच्चाधिकारियों की मेहरबानी के कारण मुख्य व्यवस्थापक पिछले पांच-छह साल से बज्जू में ही जमे हुए थे। पूर्व में भी काफी अनियमितताएं हो चुकी हैं। सहकारिता विभाग के अधिकारी मामले को दबाए बैठे हैं। ठेकेदार ने बोला मूंगफली में नमी ज्यादा है दो बोरी एक्स्ट्रा दो रणजीतपुरा निवासी श्री चंद्र गोदारा ने बताया कि ठेकेदार नामी ज्यादा बताकर दो बोरी एक्स्ट्रा मांग रहा था। मैंने विरोध किया, क्योंकि मूंगफली यदि सूख जाती तो दो बोरी हमें वापस कैसे मिलती है? इसकी शिकायत मुख्य व्यवस्थापक से की। मंडी में हंगामा होते देखा उन्होंने दूसरी मशीन मंगवा ली उसमें मूंगफली की नामी सही आई। राववाला खरीद केंद्र पर गड़बड़ी के मामले की जांच राजफैड के क्षेत्रीय अधिकारी शिशुपाल सिंह को सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने जांच ही पूरी नहीं की। केवल किसान के बयान दर्ज कर इतिश्री कर ली। जांच रिपोर्ट में किसान के हवाले से लिखा गया है कि उसकी मूंगफली पड़ी-पड़ी सूख गई। आधी अधूरी जांच कर रिपोर्ट अतिरिक्त रजिस्ट्रार को सौंप दी। अतिरिक्त रजिस्ट्रार राजेश टाक ने अब दोबारा जांच कर नतीजे सहित रिपोर्ट पेश करने के आदेश राजफैड के क्षेत्रीय अधिकारी को दिए हैं। “राववाला खरीद केंद्र के मामले की जांच राजफेड के क्षेत्रीय अधिकारी को दी थी, लेकिन जांच रिपोर्ट अधूरी मिली है। उन्हें विस्तृत जांच करने के आदेश दो बारा दिए गए हैं।” -राजेश टाक, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग


