खाद के लिए ‘रतजगा’:कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे सो रहे किसान; प्रशासन का दावा- यूरिया की कमी नहीं

गुना जिले में खाद के लिए किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। हालात यह हैं कि किसान खाद वितरण केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बमोरी इलाके के बागेरी और गुना शहर की नानाखेड़ी मंडी स्थित डबल लॉक केंद्र की है। यहां किसान रात में ही आकर डेरा डाले हुए हैं और लाइनों में बिस्तर बिछाकर सो रहे हैं। उधर, कृषि विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति लगातार हो रही है। दैनिक भास्कर की टीम मंगलवार रात 2 बजे नानाखेड़ी मंडी स्थित डबल लॉक गोदाम पर पहुंची। यहां लगभग 100 से ज्यादा किसान खुले आसमान के नीचे सोते हुए मिले। टीम जब पहुंची, तो कुछ किसान ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे और खाद न मिलने की अपनी परेशानियों पर बात कर रहे थे। कुछ किसानों के पास ओढ़ने के लिए नहीं था, तो उन्होंने तिरपाल से ही खुद को ढंक रखा था। ‘कल शाम 5 बजे से आए हैं, भूखे-प्यासे पड़े हैं’
खेजरा बाबा से आई महिला दीप माला ने बताया कि वह कल शाम पांच बजे से खाद लेने आई हुई हैं। दस बीघा जमीन है और फिलहाल दस कट्टे खाद के चाहिए, लेकिन अभी तक टोकन भी नहीं मिला है। वे भूखे-प्यासे यहां पड़े हुए हैं। ‘खाद होता तो 4 दिन से क्यों पड़े रहते?’
प्रशासन के भरपूर खाद के दावे पर एक महिला किसान ने कहा, “खाद होता तो यहां तीन-चार दिन से पड़े रहना नहीं पड़ता। यहां लाइन में लग रहे हैं, तो भी उद्यम हो रहा है। गांव-गांव में खाद मिलता, तो जनता यहां क्यों पड़ी होती। 20-25 लोगों को खाद मिल पाता है और फिर बंद हो जाता है। जनता की कौन सुनवाई कर रहा है। कोई सुनवाई नहीं कर रहा।” लाइन में जगह रोकने के लिए रात में डेरा
मंगलवार रात को हालात सबसे ज्यादा खराब दिखे। किसान डबल लॉक गोदाम के मैदान में ही लाइनों में फर्श बिछाकर जमीन पर सोते नजर आए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी खुले में ही सोने को मजबूर रहीं। किसानों का कहना है कि अगर अभी से जगह नहीं रोकेंगे, तो सुबह लाइन में नहीं लग पाएंगे और खाद नहीं मिल पाएगी। ‘रात 3 बजे उठकर आते हैं, फिर भी नहीं मिलता’
सिमरोद गांव से आए किसान ने बताया कि रात में आएंगे, तभी सुबह खाद मिल पाएगा। अगर सुबह आएंगे तो लाइन लंबी हो जाएगी। वे दो दिन से लगातार आ रहे हैं, तब भी खाद नहीं मिल पा रहा। उन्हें 30 कट्टों की जरूरत है। वहीं, अंबाराम चक्क से आई एक महिला ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से आ रही हैं। रात में तीन बजे उठकर आ रहे थे, पर फिर भी खाद नहीं मिल पाया। इसलिए आज रात को यहीं रुक गए हैं। कृषि उप संचालक बोले- चिंता न करें, रैक लगने वाली है
उधर, उप संचालक कृषि संजीव शर्मा का दावा है कि जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में है। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, “अभी आप यूरिया के लिए किसी प्रकार की चिंता न करें। हमारे पास यूरिया बराबर 25 से 30 ट्रक NFL से प्राप्त हो रहे हैं। अभी एक रैक और लगने वाली है। अभी हमने डबल लॉक केंद्रों के साथ-साथ समितियों में भी खाद भेजा है।” बागेरी में बढ़ाए काउंटर
शर्मा ने बताया, “कलेक्टर के निर्देश अनुसार बागेरी केंद्र की व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास किया है। पहले वहां दो काउंटर चलते थे, अब तीन काउंटर कर दिए गए हैं। वहां व्यवस्थाएं पहले से बेहतर हो गई हैं। किसान बारी-बारी से खाद लें। प्रति व्यक्ति को दस कट्टे उर्वरक जमीन के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है।” तस्वीरों में देखिए किसानों की परेशानी…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *