खुलासा: रेलवे ट्रैक निर्माण में हुई गड़बड़ी बनी हादसे की वजह

भास्कर न्यूज | दुमका दुमका रेलवे स्टेशन में 27 नवंबर की दोपहर रामपुरहाट से जसीडीह के बीच चलने वाले ट्रेन की दो बोगी के पटरी से उतर जाने की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को दिल्ली ​रेलवे बोर्ड के सीनियर एडिशनल मेंबर अनंत भाटिया और हावड़ा डिवीजन के चीफ ट्रैकिंग इंजीनियर अभिजीत राय ने घटनास्थल का मुआयना किया और गहनता से जांच की। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रैक निर्माण के दौरान रेलवे के नियमों की अनदेखी की गई है, कहीं न कहीं यह भी एक बड़ा कारण हो सकता है। दोपहर को ​दो सदस्यीय उच्च-स्तरीय टीम करीब 11 बजे स्पेशल इंस्पेक्शन रेलवे कार से दुमका पहुंची। ​टीम ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया और विशेष रूप से रेलवे पटरी (ट्रैक) का मुआयना किया।​रेलवे ट्रैक के विभिन्न हिस्सों की काफी देर तक जांच की। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने स्टेशन के कक्ष में कई अधिकारियों के साथ घंटों करीब दो घंटे तक बैठक की। सीनियर एडिशनल मेंबर अनंत भाटिया और ट्रैकिंग इंजीनियर अभिजीत राय ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर रेलवे ट्रैक के निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। जिन अधिकारियों की देखरेख में ​ट्रैक का निर्माण कार्य और मेंटेनेंस होता है, उसमें नियमों की अनदेखी की गई है। हालांकि उनका कहना था कि किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पूर्ण जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। सात सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी कर रही जांच ​बोगी के पटरी से उतरने की घटना को पूर्व रेलवे के प्रधान कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। इसकी जांच के लिए सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड की सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। ​यह टीम सीईटीई नीलम चंद्र की अध्यक्षता में बनी है। टीम के सदस्य हर एंगल से मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। पूरी जांच रिपोर्ट आने में करीब एक माह लगने की संभावना है। 17 विभागों के अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में पूरे घटनाक्रम में कहीं न कहीं रेलवे के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है। रेलवे के 17 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों ने साफ कहा कि जांच के बाद दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। दुमका स्टेशन और संबंधित डिवीजन के अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक के बयान लिए जाएंगे। पूरी जांच रिपोर्ट विभाग के वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। जांच की मॉनिटरिंग काफी उच्च स्तरीय हो रही है और किसी भी तरह की चूक पर संबंधित व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दो से तीन दिन में पहुंचेगी आसनसोल रेलवे के स्थानीय अधिकारियों की माने तो ट्रेन को आसनसोल पहुंचने में करीब दो से तीन दिन तक लग जाएगा। ट्रेन दस से 15 किलोमीटर की गति से चलेगी। दुमका जसीडीह मार्ग के मेन लाइन में दूसरी ट्रेनों का आना जाना लगा रहता है। इसलिए पहले ट्रेन को मोहनपुर, इसके बाद जसीडीह, मधुपुर में रोककर बाकी ट्रेनों को पार कराया जाएगा। इसलिए आसनसोल पहुंचने में ट्रेन को दो से दिन तक लग जाएंगे।

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