बिना ई-वे बिल के पकड़े गए तंबाकू से भरे ट्रक को पकड़ने के बाद सेंट्रल जीएसटी की प्रिवेंटिव विंग ने हरदा में कमल किशोर जर्दा भंडार और कमल किशोर एंड कंपनी के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में पैकिंग मशीन और कुछ टैक्स में गड़बड़ी के दस्तावेज मिले। इसमें सामने आया कि बिना दस्तावेजों के चोरी छुपे जर्दा बेचा जाता है। इसके बाद कंपनी ने खुद जांच अधिकारियों के पास 2.86 करोड़ रुपए की राशि जमा करा दी। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार कमल किशोर अग्रवाल एंड कंपनी के संचालकों के द्वारा तंबाकू के उत्पादों का अवैध रूप से परिवहन कर टैक्स चोरी की जा रही है। इटारसी के पास पकड़े ट्रक में ई-वे बिल नहीं मिला। इसके बाद टैक्स चोरी का खुलासा हुआ और टीम ने छापामार कार्रवाई कर दी। इधर, 25 लाख जमा
बीते हफ्ते बंसल वन स्थित एक बार -रेस्टॉरेंट में स्टेट जीएसटी की छापेमारी के बाद शनिवार को कार्रवाई पूरी हो गई। बार संचालक ने 25 लाख रुपए की राशि जमा कर दिए हैं। दो महीने से रिटर्न फाइल नहीं होने के बाद विभाग ने मामला जांच में लिया था। शराब की आवक और खपत में काफी अंतर मिला है। 30 और 31 दिसंबर को छापेमारी हुई थी, जिस समय नए साल से जुड़े सेलिब्रेशन चल रहे थे।


