घने कोहरे और खराब मौसम की चुनौती के बावजूद शनिवार को राजा भोज एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक उड़ानों के साथ ही दो नॉन-शेड्यूल्ड इंटरनेशनल चार्टर फ्लाइट्स का भी सुरक्षित संचालन किया गया। कम दृश्यता के हालात में आधुनिक तकनीक, बेहतर पूर्व तैयारी और मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं के चलते एयर ट्रैफिक पर कोई खास असर नहीं पड़ा। शनिवार सुबह भोपाल में घने कोहरे के कारण न्यूनतम विजिबिलिटी घटकर लगभग 500 मीटर तक पहुंच गई थी। ऐसे हालात को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने सुबह से ही मिनिमम स्टैंडर्ड विजिबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया। इसके चलते डोमेस्टिक फ्लाइट्स का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। इसी दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि तब दर्ज की गई, जब कैटेगरी-2 सिस्टम आधारित लैंडिंग प्रणाली के तहत पहली बार एयर इंडिया की दिल्ली-भोपाल फ्लाइट को सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया। कम विजिबिलिटी में हुई यह लैंडिंग राजा भोज एयरपोर्ट की तकनीकी क्षमता और तैयारी का प्रमाण मानी जा रही है। उन्नत एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम, प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण न तो उड़ानों में बड़ा विलंब हुआ और न ही किसी फ्लाइट को डायवर्ट करना पड़ा। सुरक्षा प्रतिबंध हटाए जाने तक, यानी दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक, एयरपोर्ट पर कुल 16 एयरक्राफ्ट का आवागमन दर्ज किया गया, जिनसे 2324 यात्रियों ने यात्रा की। नॉन-शेड्यूल्ड इंटरनेशनल उड़ानें भी संचालित इसी दिन राजा भोज एयरपोर्ट से दो अंतरराष्ट्रीय नॉन-शेड्यूल्ड चार्टर फ्लाइट्स का संचालन भी किया गया। ये उड़ानें भोपाल से मालदीव की राजधानी माले और दुबई के लिए रवाना हुईं, जिनसे कुल 11 यात्रियों ने यात्रा की। इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए कस्टम और इमिग्रेशन की सभी व्यवस्थाएं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा की गईं, जिससे यात्रियों को असुविधा नहीं हुई। पूरी तरह तैयार एयरपोर्ट : एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने कहा कि एयरपोर्ट डोमेस्टिक ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी सक्षम है। एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।


