गढ़वा | पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह ने कहा है कि झारखंड अलग राज्य गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी गढ़वा सहित पूरे राज्य के लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पाई हैं। जनता की समस्याओं के समाधान में अब तक की सरकारों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण आज आम लोग भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं। वे गुरुवार को गढ़वा स्थित अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को ही जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है। गढ़वा के जनप्रतिनिधि रांची में बैठकर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि जिले की जनता वर्षों से उपेक्षित और ठगी हुई महसूस कर रही है। गिरिनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि गढ़वा सहित पूरे राज्य में भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार बन गया है। विकास कार्य ठप हैं और जनता की समस्याओं से किसी को कोई लेना-देना नहीं है। शासन-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। पूर्व मंत्री ने कहा कि सत्ता पक्ष को जनहित के कार्यों में अब कोई रुचि नहीं रही, वहीं विपक्ष ने भी जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ लिया है। परिणामस्वरूप सत्ता और विपक्ष दोनों ही निरंकुश हो गए हैं। उन्होंने कहा कि गढ़वा की जनता पिछले कई वर्षों से छल और धोखे का शिकार हो रही है, जैसी स्थिति पहले कभी नहीं रही। गिरिनाथ सिंह ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच चल रही खींचतान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से बकाए पैसों का रोना रोती रहती है, जबकि केंद्र सरकार को भी राज्यवासियों से कोई लेना-देना नहीं है। इस आपसी टकराव का खामियाजा गढ़वा सहित पूरे राज्य की जनता भुगत रही है। उन्होंने सवाल किया कि इसमें जनता का क्या कसूर है। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद से अब तक जनता को केवल धोखा ही मिला है। साथ ही उन्होंने जनता से समय पर सही निर्णय लेने की अपील की, ताकि भ्रष्टाचार और समस्याओं से मुक्ति मिल सके। उन्होंने गढ़वा जिला और राज्यवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। प्रेस कांफ्रेंस में रंजन चौबे, संजय कास्यंकार सहित अन्य लोग मौजूद थे।


