नवरात्रि के गरबा पांडालों को लेकर जारी विवाद के बीच भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने नायब शहर काजी मौलाना अली कदर के बयान का स्वागत किया है। सांसद शर्मा ने कहा कि शहर काजी ने जो बात कही है, वह सराहनीय और स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि भोपाल कलेक्टर और जिला प्रशासन की ओर से भी आदेश जारी कर दिया गया है और पंडालों में वीडियोग्राफी की जा रही है। आलोक शर्मा ने कहा, “मैं जो बात कह रहा था, वही शहर काजी साहब ने भी कही है। उन्होंने साफ कहा कि जो इस्लाम को मानते हैं, वे इस्लाम के उसूलों के मुताबिक चलें। अगर गरबा हिंदुओं का पर्व है तो उसमें गैर हिंदू भाग न लें। हमारी मंशा कभी हिंदू-मुसलमान करने की नहीं है और न ही मेजॉरिटी-माइनॉरिटी का मुद्दा बनाने की है। भोपाल तहजीब का शहर है, यहां सब साथ रहते हैं। हम सिर्फ यही कह रहे हैं कि हिंदुओं को अपना पर्व मनाने दिया जाए और दूसरे लोग अपनी परंपराओं का पालन करें।” सांसद शर्मा ने मौलाना अली कदर को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं शहर काजी साहब का आभार व्यक्त करता हूं और जल्द ही उनके घर जाकर व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दूंगा। नायब शहर काजी मौलाना अली कदर ने कहा था कि इस्लामिक नजरिए से मुसलमानों का गरबा जैसे आयोजनों में शामिल होना उचित नहीं है और अगर कोई मुसलमान वहां जाता है तो यह इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है। उन्होंने नेताओं के इस बयान का भी समर्थन किया कि गरबा हिंदुओं का पर्व है और गैर हिंदू इसमें भाग न लें। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मौलाना बोले- मुस्लिम गरबा करते दिखें तो रोका जाए
भोपाल में गरबा पंडालों में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर राजनीति गर्माई है। हिंदू संगठनों ने गरबा पंडालों के बाहर होर्डिंग लगाए है। इसमें लिखा है कि “जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी”। होर्डिंग में जूते-चप्पल और लाठी की तस्वीरें भी छपी है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा भी गरबा पंडालों में मुस्लिम युवकों की एंट्री पर आपत्ति जता चुके हैं। इस मामले में नायब शहर काजी मौलाना अली कदर का बयान सामने आया है।पढ़ें पूरी खबर


