नववर्ष की पूर्व संध्या पर शहर के सभी चर्चों में धन्यवादी आराधना हुई। हजारों की संख्या में विश्वासी चर्च पहुंचे और सालभर ईश्वर से मिले कृपादानों के लिए ईश्वर को धन्यवाद दिया। साथ ही नववर्ष में प्रवेश को लेकर अपनी कृतज्ञता प्रकट की। आराधना के बाद चर्च परिसर में नए साल का स्वागत आतिशबाजी कर किया गया। सभी ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। शाम से ही मेन रोड स्थित क्राइस्ट चर्च, बहुबाजार स्थित संत पॉल्स कैथेड्रल और पुरूलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजाघर में विशेष आराधना हुई। संत मरिया महागिरजाघर में प्रार्थना की अगुवाई पूर्व पल्ली पुरोहित फादर थियोडोर टोप्पो ने की। अपने उपदेश में कहा कि आज ईश्वर को धन्यवाद देने का दिन है। सभी ने पूरे साल कभी न कभी ईश्वर के अनुग्रह को महसूस किया है। क्राइस्ट चर्च में शाम 4 बजे पवित्र प्रभुभोज का संचालन रेव्ह. ममता बिलुंग ने किया। उपदेशक बिशप सीमांत तिर्की रहे। उन्होंने अपने उपदेश में कहा कि नया वर्ष हमें यह अवसर देता है कि हम पुरानी गलतियां-निराशाओं को पीछे छोड़ विश्वास और आशा के साथ आगे बढ़ें। यह समय है कि हम अपने जीवन को परमेश्वर की इच्छा के अनुसार नया करें। नए वर्ष में हम संकल्प लेकर परमेश्वर पर अधिक भरोसा करेंगे और अपने परिवार और समाज में शांति और प्रेम के वाहक बनेंगे। साथ ही सत्य, न्याय और करुणा के मार्ग पर चलेंगे। इस दौरान प्रभुभोज रेव्ह. जी एस केरकेट्टा और धन्यवाद रेव्ह. निशांत गुड़िया ने किया। वहीं, रात 11.30 बजे आराधना का संचालन रेव्ह. आलोक मिंज ने किया, उपदेशक रेव्ह. जी एस केरकेट्टा रहे। प्रभु का अनुग्रह हर सुबह नया होता है: रेव्ह. जोलजस रांची के बहुबाजार स्थित संत पॉल्स कैथेड्रल में रात्रि 11:30 बजे आराधना हुई। रेव्ह. जोलजस कुजूर ने अपने धर्मोपदेश में कहा कि नए वर्ष में नई आशा हमें यह विश्वास दिलाती है कि प्रभु का अनुग्रह हर सुबह नया होता है। नई उम्मीद हमें यह प्रेरणा देती है कि हम अपने कार्यों, व्यवहार और सेवकाई में और अधिक समर्पित, उत्तरदायी व अनुशासित बनें। इस नए वर्ष में प्रभु से यही प्रार्थना है कि वह हमें नई शक्ति, नया उत्साह और उसके राज्य के कार्यों में नई निष्ठा प्रदान करें। जीवन में नया करने की दिशा में काम करें। वहीं, रेव्ह. डेविड ने कहा कि नववर्ष सदैव हमें एक नई शुरुआत, नई आशा और नई उम्मीद का संदेश देता है।


