-संदीप कुमार, सीए, गलाडा भास्कर न्यूज |लुधियाना जहां एक ओर सरकारी दफ्तरों में अधिकारी ठंडे एसी कमरों में आराम से बैठकर फाइलें निपटा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं दफ्तरों में अपनी समस्या लेकर आने वाली आम जनता गर्मी में बेहाल है। कुछ ऐसा ही नजारा सामने आया गलाडा कार्यालय का, जहां 42 डिग्री तापमान में पब्लिक बिना पंखे और पानी के सिंगल विंडो में बैठे-बैठे परेशान हो रही है। हैरानी की बात यह है कि पिछले एक सप्ताह से सिंगल विंडो के पंखे बंद पड़े हैं, और अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। गर्मी से बेहाल लोग घंटों लाइन में बैठकर अफसरों का इंतजार करते हैं, लेकिन ना तो उन्हें ठंडा पानी नसीब होता है, ना ही हवा। गौर हो कि रोजाना करीब 300 लोग गलाडा दफ्तर में अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए आते हैं लेकिन अफसरों को आम लोगों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। सेवा सिंह बटाला से काम के सिलसिले में आए थे। उन्होंने बताया कि इतनी गर्मी में बाहर बैठे रहना किसी सजा से कम नहीं है। अफसर तो एसी में बैठे हैं, लेकिन पब्लिक के लिए न तो पंखा चल रहा है और न ही पानी पिलाने के लिए कोई सेवादार है। गुलशाद धांधरा रोड से आए थे। उन्होंने बताया कि मेरी पूरी शर्ट पसीने से भीग गई। कोई पंखा नहीं, कोई पानी नहीं। हम टैक्स देते हैं ताकि हमें सुविधा मिले, लेकिन यहां तो हालात उल्टे हैं। गुरचरण सिंह एक हफ्ते से इस दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में सबसे ज्यादा पब्लिक डीलिंग होती है, वहीं दोनों पंखे बंद पड़े हैं। महिलाएं-बच्चों के साथ घंटों इंतजार करती हैं। कोई पूछने वाला नहीं है। जनता का आरोप है कि अधिकारी तो एसी रूम में बैठकर आराम फरमा रहे हैं, लेकिन जो आम जनता दूर-दूर से काम करवाने आती है, उसे बुनियादी स्तर की सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं।


